मयाली पहाड़ियों के बीच में खिला बाजार फूल सा सुंदर सजीला सज रहा सजीव हो महबूब सा। सुहावनी समीर है...
साहित्य
छुट्टी का दिन था। दोपहर को रोहित पड़ोस के घर में अपने दोस्त रजत के साथ खेलने गया था। कुछ...
देखो जी ! यह भी इक तारा, सौरमंडल का जलता तारा। उगता है यह धार के ऊपर, छिप जाता है...
आखिर है क्या ये जीत और हार मन की हो तो जीत ना तो हार, या इकरार को जीत कह...
उन दिनों गजेंद्र बुरे दौर से गुजर रहा था। वह जो भी काम करता उसमें उसे घाटा होता। कड़ी मेहनत...
मन जीते जग जीत है मन के हारे सब हार मन से जीत नहीं आसां मन के तर्क हजार मन...
वैसे तो अब चिल्लर की जरूरत कभी-कभार ही पड़ती है। जब लोग मंदिर जाते हैं तो भगवान को चिल्लर चढ़ाने...
बुजुर्ग लोग सही फरमाते हैं कि जो रास्ता पहले से नहीं देखा, उस पर नहीं चलना चाहिए। कई बार शार्टकट...
हो शुभ आगमन नववर्ष का, ऐसी हमारी कामना जो साल बीते दुख के संग, हे प्रभु उन्हें अब थामना सब...
नव वर्ष मंगलमय सभी को सुख शांति और समृद्धि मिले, वर्ष बाईस साल में सभी को,नव उन्नति नव खुशियां मिलें।...
