पीने-पिलाने की बात जब चले तो यह बताना जरूरी नहीं कि क्या पिया। क्योंकि पीने वालों के लिए तो शराब...
साहित्य
नारी, नारी में भेद क्यों? एक ही ईश्वर ने बनाया जब नारी को फिर तुमने क्यों भेदभाव किया एक का...
कौन कहता है अकेलापन दर्द देता है, ये वो वक्त है जब इंसान खुद को परखता है! दर्द तो दिल...
इस रंग बदलती दुनियां में जिस आदमी का रंग सबसे ज्यादा बार-बार बदलता रहता है। वह नेता होता है। नेता...
क्यों देखता हीन भावना से तू उसको, जो तेरे हर काम है आता। तेरा जो न बनता एक काम भी,...
दूनघाटी का मौसम भी कमाल का है। कभी बारिश होने लगती है, तो कभी आसमान साफ नजर आने लगता है।...
कभी-कभी मेरा भी मन करता है कि दूसरों की मदद को हमेशा उसी तरह तत्पर रहूं, जैसे मैं लड़कपन में...
ऐसे लोगों की इस दुनियां में कमी नहीं है, जो बात-बात पर टोटकों को सहारा लेते हैं। यानी कुछ करो...
वैसे देखा जाए तो भ्रष्टाचार पर चर्चा कोई नया विषय नहीं है। जब में छोटा था, तब भी लोगों के...
एक दायरे तक हो खुल कर हँसना खुल कर रोना जो भी हो बस, एक दायरे तक हो। बदसुलूकी अंत...
