बूंद भर जीवन आज चांद टूट गया देख साधिका ताप । कैसे करूं बखान, आज साधक हार गया।। बूंद नीर...
कविता
सावित्री बाई फुले मिले सबको एक सम्मान, पढ़ा-लिखा हो हर इन्सान। मिटे देश की हर कमजोरी अनपढ़ रहे न कोई...
रुद्रप्रयाग जिले के वरिष्ठ साहित्यकारों को कलश ट्रस्ट ने अपने आठवें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में सम्मानित किया। कार्यक्रम रुद्रप्रयाग...
हो मौज बहार कि आया नया साल छा जाए नया साल कर दफा हर मजबूरी। बेहतर हो नया साल कि...
शुभेच्छा हम सबके के आँगन में, छाए नित नई बहारें। सहयोग व सद्भाव रहे, आपस में स्नेह रहे व प्रेम...
तब ही अपना नववर्ष मने जब ऋतुराज बसंत छटा छलके , जब कुंज में पुष्प लता महके । जब यज्ञ...
देश का युवा हूँ भविष्य हूँ और बेरोजगार हूँ मैं। न कोई चमचा,न भक्त,न कोई चौकीदार हूँ मैं। देश के...
बन मनोहर आप आना। साल बीस बीस को अब, हो सके तो भूल जाना, साल बीस इक्कीस सुन लो, बन...
नया साल.....चलो स्वागत करते हैं..... जिन्दगी का एक और वर्ष कम हो चला, कुछ पुरानी यादें पीछे छोड़ चला .....
समय मिले यदि साथी तुमको नववर्ष के अरुणोदय को, नाना नातिन उत्सुक हैं। देख रहें हैं नया सबेरा, देखो...
