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January 31, 2026

कविता

हे केदारनाथ जी हे केदारनाथ जी मुझे अपने मंदिर में सुलगती अगरबत्ती बना दो जिससे मेरे अवगुण दूर हो सद्...

पवित्र प्रेम  का बन्धन भाई बहिन के पवित्र प्रेम का बन्धन रक्षाबंधन  रक्षाबंधन राजा बलि की भक्ति का बन्धन मां...

बीत गया जन्म दिन बीत गया जन्म दिन उनका, फिर यादों में, मैं उनकी खो गया। उनकी यादों के नन्हे...

प्रकृति प्रेमी कुंवर बर्तवाल मैं आज सभी के, करुण स्वर सुन चुका। पर मेरी वेदना, कोई गा न सका।। ये...

पंद्रह अगस्त की बेला पंद्रह अगस्त की बेला पर झण्डा ऊंचा फहरायेंगे नत् मस्तक हो जायेंगें सब सर अपना झुकायेंगे।...