बगत सरकणूं च मठु - मठू करि बगत, सर्- सरकणूं च. तवा म धरीं रोटि सि, फर्- फरकणूं च.. जैं...
साहित्य
बेटियाँ कुंपळौं तैं तुम खिलण द्यावा, खुशबू बणी फैलण द्यावा। बन्द करा अब यों कि हत्या, जीवन जोत जगण द्यावा।।...
भिलंगना और भागीरथी के संगम पर पुराण प्रसिद्ध तीर्थ नगरी टिहरी कभी गणेश प्रयाग के नाम से जानी जाती रही,...
लेखक ने करीब 60-62 वर्ष पूर्व बच्चों की पत्रिका "चन्दामामा" में एक कहानी पढ़ी थी। लेखक का नाम याद नहीं।...
पुंगड़ी- पटळी सरोज मैडम (सरू) इस्कोल बटि घौर आयी। वीन सरासरि कैकि चा-पाणि पेई। अर कपड़ा -लत्ता बदलि की दाथी...
कुछ बाते हैं जज्बातो की चलो आज कहती हूँ एक किरदार जो खास हम सबके लिए चलो आज उसके बारे...
नशा मुक्ति अपने पौड़ी गढवाल को, हमने खुशहाल बनाना है | नशा मुक्त हो जनपद अपना, दृढ़-संकल्प ये करना है...
प्रो. धीरेंद्र शर्मा लिखित प्रकाशित पुस्कत UNCHARTED LIFE’S JOURNEY से एक अंश। प्रो. धीरेंद्र शर्मा जेएनयू से सेवानिवृत्त हैं। इस...
रगड़ा-झगड़ा सोचु भिंडि च-हमन, जीवन म अपड़ा भी. क्य ब्वन-दगड़म चल़णा छिं, सौ रगड़ा भी.. मनखी सोच्यूं-अर गड़्यूं, कख तक...
मेरी मातृभाषा मेरी पछ्याण म्यारा गढ़देशी भै बैण्यों, टक लगैकी सूण ल्यावा। हर्चणि च दूधबोली हमरी, अपणी बोलि, भाषा बचावा।।...
