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May 21, 2026

साहित्य

हे नीलकण्ठं, हे शितिकण्ठ। हे गंगाधर, हे अत्यन्तकठोर ।। तुम भक्ति मात्र से हो जाते विभोर हे मृत्युंजय, हे व्योमेश।...

देवाधिदेव महान हैं जिनकी पूजा सबसे आसान है, वो देवाधिदेव महादेव महान हैं। जितने सरल व उदार शिव हैं, उतना...

बल...बूबू धादधधयाय... आमा भात पकायो छ....बल अच्हारे आमा भात पकायो छ।।टेक।। बूबू धाद धधयाय... आमा भात पकायो छ।।टेक।। बल बूबू...

नारी है परी-जैसी, स्त्री प्रेम की धारा है। सेहरा-से जीवन में, नारी ही सहारा है।। आलम में अँधेरा है, भटकाव...