बिक्रम संवत - नै साल ब्रह्मा जी ना- श्रृष्टि रच , दगड़म बड़ै विधान. आर्यव्रत का श्रृषियौंन, लिखि ग्रंथ-बढै मान.....
साहित्य
नव संवत्सर मंगलमय हो शान्त सौम्य सुखकर दुखहर्ता हो, शुभ मंगल हो नव संवत्सर। शुभ प्रकाशित, उल्लसित हो, कण्टक व्याधि...
मेरी पीड़ा नहीं कठोर हृदय लिए खड़ा हूं, मेरे हृदय में भी, भरी नमी है। दुःख बोल नहीं सकता अपना,...
ब्यो-काजा लग्न गुम- सुम हुयूं सरग, न बरखणूं- अखरणूं च, चौदिसौं बुजिना लग्यां, न सरकणूं-फरकणूं च.. दिनम चुड़ापटी घाम, ब्यखुनिदां...
मिं गौड़ि छूं आज मेरी-कनि कुगति, मेरा गढवाऴ म हूंणीं च. कै मुखन मींकु-माँ ब्वद्वा, मेरि जिकुड़ी रूणीं च.. जब...
चन्द्र कुंवर की याद में मेरी इच्छा जी सकूं इस संसार में जब तक। महक बिखेरता चारों ओर मैं जाऊं...
ललिया पागल पागल पागल पागल मिथैं पागल कुनि लोग...2 तेरा प्यार में पागल "ललिया" पागल कुनि लोग...2 हलचल हलचल हलचल...
वीर सपूत कफ्फू चौहान ये मेरे गढ़ भूमि वासियों, जरा याद करो ये कुर्बानी। उप्पू गढ़ का गढ़पति था वो,...
शराबी का तगमा साथियों की तसल्ली तब होती है, जब मैं शराब पी लेता हूं। इसके लिए चाहे उन्हें कितना...
लेखणु-पढ़णु लेखि- पैड़िक - मनखि, उतीरण-ह्वे जांद. सीखि-सीखी, काम-काजा परवीण-ह्वे जांद.. पढ़णा-लेखड़ा कि बल, क्वी उमर नि हूंदि. पुस्तैनी हुनर...
