तो जानूं ग़रीबों के आंसू पी लें, तो जानूं। ग़रीब आज सुख से जी लें, तो जानूं। उनकी राहों में...
कवि
मुहब्बत जीत गई। नफ़रत हार गई। प्रेम का सोत कभी सूख नहीं सकता। बरसने से नेह कभी रूक नहीं सकता।...
आज़कल झूठ ने रफ़्तार पकड़ी हो रहा है मन विकल। घुटनों के बल ही रेंगता सच देख लो अब आजकल।।...
नदियां नदियां चलकर घर तक आईं। घर भी डरकर कांपे थर - थर। माटी के घर हैं जो जर्जर। आफ़त...
बादलों का शामियाना आसमान में तन गया बादलों का शामियाना। सांवली छांव भी पसर गई धरा पर। कंटीली धूप भी...
स्त्री, औरत और महिला में क्या अंतर है? हमारी भाषा में सच तो यही है कि दो शब्द एक दूसरे...
रावण! रावण दहाड़ रहा है, सत्य के विरुद्ध मन के स्याह कोनों में! बाहर खड़ी है, कतारबद्ध, डरी-सहमी भीड़! उम्मीदें...
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2023-24 में राज्य सरकार की ओर से प्रथम बार लोक भाषाओं व...
यूपी में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के भोजपुरी अध्ययन केंद्र के राहुल सभागार में डॉ रविशंकर उपाध्याय स्मृति संस्थान, वाराणसी के...
प्रकृति की सुरम्य रंगस्थली अल्मोड़ा के कौसानी में चाय बागान के व्यवस्थापक गंगा दत्त पंत के घर में 20 मई...
