Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 31, 2026

सेवानिवृत्त शिक्षक कालिका प्रसाद सेमवाल की कविता-वन्दना मां सरस्वती

सेवानिवृत्त शिक्षक कालिका प्रसाद सेमवाल की कविता-वन्दना मां सरस्वती।

वन्दना मां सरस्वती

मां वीणापाणि सरस्वती
भावों में ऊंची उड़ान दो,
लेखनी में शक्ति दो
विचारों में पवित्रता दो,
वाणी में मधुरता दो
सुरभित हो ये सारा जहाँ,
विचलित मन को स्थिरता दो
दूर करो मेरी सब दुविधा।

ममतामयी हे मां सरस्वती
ज्ञान अमृत पिला दो मां,
हम चले नेह की राह पर
इस दुर्बल काया में शक्ति दो,
बहके न मेरे कभी कदम
विचलित न हो कभी मन,
मां हमको तुम तार देना
मां सरस्वती हमको ऐसी देना।

कवि का परिचय
कालिका प्रसाद सेमवाल
अवकाश प्राप्त प्रवक्ता, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रतूड़ा।
निवास- मानस सदन अपर बाजार रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड।