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July 19, 2026

रिलायंस ने सरकारी खजाने में जमा किए 2.10 लाख करोड़ रुपये, मुकेश अंबानी ने लगातार पांचवे साल भी नहीं ली सैलरी

देश के प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान कई तरह के टैक्स, लेवी स्पेक्ट्रम चार्ज और अन्य मदों के तहत सरकार के खजाने में 2,10,269 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। जो पिछले वित्त वर्ष के 1,86,440 करोड़ रुपये से 12.8 फीसद से अधिक है। यह पहली बार है जब राष्ट्रीय खजाने में रिलायंस का योगदान 2 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। इसके साथ ही, वित्त वर्ष 2020 से वित्त वर्ष 2025 तक यानी पिछले छह वर्षों में रिलायंस 10 लाख करोड़ से अधिक रकम जमा करा चुकी है। बताते चलें कि रिलायंस देश के खजाने में सबसे अधिक योगदान देने वाली कंपनी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

रिलायंस इंडस्ट्रीज की सालाना रिपोर्ट में कंपनी ने पिछले 10 वर्षों का लेखा जोखा भी दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी ने पिछले 10 वर्षों में अपने शेयरधारकों को 5 गुना मूल्य दिया है। बाजार पूंजीकरण पिछले 10 वर्षों में 5 गुना से अधिक बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 17,25,378 करोड़ रुपये हो गया है, जो पहले 338,703 करोड़ रुपये था। कंपनी के समेकित राजस्व में भी 3.65 गुना की वृद्धि दर्ज की गई है। वार्षिक शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2015-16 के 29,861 करोड़ रुपये से 2.72 गुना बढ़कर 81,309 करोड़ रुपये हो गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुकेश अंबानी ने लगातार पांचवे साल नहीं ली कोई सैलरी
दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक मुकेश अंबानी ने लगातार पांचवे साल भी कंपनी से किसी तरह का कोई वेतन नहीं लिया है। अंबानी ने वित्त वर्ष 2020-21 के बाद से ही कोई सैलरी नहीं ली है। दरअसल कोरोना महामारी के बाद उपजी विकट स्थितियों के कारण मुकेश अंबानी ने स्वेच्छा से सभी प्रकार के भत्ते, सेवानिवृत्ति लाभ और किसी भी तरह के कमीशन सहित अपनी पूरी सैलरी को छोड़ने का फैसला लिया था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कोरोना से पहले वित्त वर्ष 2008-09 से 2019-20 के बीच मुकेश अंबानी ने अपने वार्षिक पारिश्रमिक को 15 करोड़ रुपये पर सीमित रखा था। वजह थी प्रबंधकीय स्तर पर इंडस्ट्री और कंपनी के लिए व्यक्तिगत उदाहरण स्थापित करना। बताते चलें कि भारत में कोविड-19 महामारी ने देश के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक हालात पर बहुत बुरा असर डाला था। रिलायंस की वार्षिक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

रिलायंस की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर निखिल मेसवानी को कुल 25 करोड़ रुपए सालाना सैलरी व अन्य मदों में मिलते हैं। वहीं इनके छोटे भाई हितल मेसवानी की सैलरी भी 25 करोड़ रुपए ही है। रिलायंस के अन्य एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पीएमएस प्रसाद को करीब 20 करोड़ रूपये सैलरी व अन्य मदों में मिलते हैं।
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