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July 13, 2026

भारत चीन सीमा विवाद पर राहुल गांधी ने लगाया बड़ा आरोप-पीएम ने चीन को दे दी हिंदुस्तान की जमीन

लंबे समय से भारत और चीन के बीच चल रहे विवादों के बीच खबर आई कि दोनों देशों की सीमाएं पीछे हट रही हैं। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर बड़ा आरोप लगाया है।

लंबे समय से भारत और चीन के बीच चल रहे विवादों के बीच खबर आई कि दोनों देशों की सीमाएं पीछे हट रही हैं। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगााय कि पीएम नोदी ने भारत की जमीन चीन को दे दी है। इस संबंध में उन्होंने प्रेस वार्ता की। साथ ही ट्विटर पर ट्विट भी किया। ट्विटर में तो उन्होंने अपनी वीडियो जारी करने के साथ ही उस पर लिखा- ग़द्दारों ने भारत माता को चीरकर एक टुकड़ा चीन को दे दिया!


भारत-चीन के बीच सीमा पर लंबे समय से चल रहे गतिरोध पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा को बताया कि पैंगॉन्ग पर चीन से समझौता है। दोनों देशों की सेनाएं वहां से हट रही हैं। इस पूरे मामले पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज एक प्रेस वार्ता कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंदुस्तान की जमीन चीन को पकड़ाई है। यह सच्चाई है। मोदी जी इसका जवाब दें। मोदी जी ने चीन के सामने सिर झुका दिया है। जो रणनीतिक क्षेत्र है, जहां चीन अंदर आकर बैठा है, उसके बारे में रक्षा मंत्री ने एक शब्द नहीं बोला।
राहुल ने आगे कहा कि पीएम मोदी ने भारतीय क्षेत्र को चीन को क्यों दिया? इसका जवाब उन्हें और रक्षा मंत्री को देना चाहिए। क्यों सेना को कैलाश रेंज से पीछे हटने को कहा गया? देपसांग प्लेन्स से चीन वापस क्यों नहीं गया? हमारी जमीन फिंगर-4 तक है। पीएम मोदी ने फिंगर-3 से फिंगर-4 की जमीन चीन को पकड़ा दी है। उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री डरपोक हैं, जो चीन के खिलाफ खड़े नहीं हो सकते। वे हमारी सेना के जवानों के बलिदान पर थूक रहे हैं। वे सेना के बलिदान को धोखा दे रहे हैं। भारत में किसी को भी ऐसा करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। प्रधानमंत्री इस पर क्यों नहीं बोल रहे हैं।
बता दें कि राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में गुरुवार कहा कि चीन से हमारी लगातार बातचीत के बाद के कारण हम पैंगोंग सो झील के उत्तरी और दक्षिण किनारे से हम सहमति के इस बिंदु तक पहुंचे हैं। चीन के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को कहा था कि दोनों देशों के अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिक पीछे झील के किनारे से हटना शुरू हो गए हैं। दोनों देशों के बीच सीमा पर गतिरोध अप्रैल में शुरू हुआ था, जब भारत ने कहा था कि चीनी सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा के काफी अंदर तक घुस आए थे।