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July 17, 2026

फ्लाइट में प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव का हुआ आमना सामना, फिर हुई ये बात

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां तैयारियों में जुटी हैं। इस बीच शुक्रवार को दिल्ली-लखनऊ फ्लाइट के अंदर की एक तस्वीर सामने आई है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां तैयारियों में जुटी हैं। इस बीच शुक्रवार को दिल्ली-लखनऊ फ्लाइट के अंदर की एक तस्वीर सामने आई है। इसमें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव दूर से एक दूसरे का अभिवादन कर रहे हैं। वायरल हो रही इस तस्वीर में दोनों वरिष्ठ नेता मास्क पहनकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नजर आ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक प्रियंका गांधी दिल्ली से लखनऊ होते हुए बाराबंकी जाने के लिए फ्लाइट में सफर कर रही थीं। जहां वह शनिवार को कांग्रेस की प्रतिज्ञा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगीं और लोगों को अपनी सात प्रतिज्ञाओं के बारे में जानकारी देंगी। वहीं अखिलेश यादव दिल्ली से लखनऊ के लिए सफर रह रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अखिलेश और प्रियंका ने एक दूसरे का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान दोनों के बीच कुछ मिनट बातचीत भी हुई। दोनों ने एक-दूसरे का हालचाल पूछा।
अखिलेश यादव आज ही दिल्ली दौरे पर पहुंचे थे। यहां उन्हें सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद ही अखिलेश लखनऊ वापस लौट रहे थे। कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा भी लखनऊ आ रही थीं। प्रियंका कल बाराबंकी में कांग्रेस की प्रतिज्ञा यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगी। प्रियंका गांधी के एक सहयोगी ने बताया दोनों के बीच `सौहार्दपूर्ण’ बातचीत हुई।
उन्होंने स्पष्ट रूप से एक-दूसरे से कहा कि ‘उन्हें जल्द ही मिलना चाहिए। चुनाव में पांच महीने से भी कम समय बचा है और दोनों पार्टियां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भाजपा सरकार को हटाने की कोशिश कर रही हैं। वहीं सपा नेता उदयवीर सिंह ने कहा, ”दोनों के बीच किसी भी तरह के गठबंधन की कोई संभावना नहीं है, जैसा कि अखिलेश पहले ही कह चुके है कि हम किसी भी राष्ट्रीय पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करने जा रहे हैं, बल्कि केवल छोटे दलों के साथ गठजोड़ करेंगे।
बता दें कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी लगातार यूपी की योगी सरकार पर निशाना साध रही है। भाजपा को हराने के लिए दोनों पार्टियों ने 2017 विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन भी किया था, जो कि कुछ खास साबित नहीं हो सका। गत चुनाव में कांग्रेस को महज सात सीटें मिली थीं, जबकि सपा के खाते में सिर्फ 47 सीटें ही आईं। जून में अखिलेश ने कहा था कि 2017 गठबंधन में हमने कांग्रेस को 100 सीटें दी थीं, लेकिन यूपी की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया। इसके चलते हम आगे कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेंगे।
वहीं प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस भी यूपी चुनाव को लेकर कड़ी मेहनत कर रही है। प्रदेश के तमाम मुद्दों को लेकर वह लगातार भाजपा सरकार ने सवाल उठाती नजर आ रही हैं। लखीमपुर खीरी मामले को लेकर उन्होंने अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती पर भी निशाना साधा। इससे माना जा रहा है कि कांग्रेस भी सपा के साथ गठबंधन के पक्ष में नहीं है।