धरना दे रहे श्रमिकों पर पुलिस ने लाठी फटकारी, सीटू ने जताया विरोध, अब प्रदेशभर में होगा आंदोलन
देहरादून स्थित निर्माणाधीन लखवाड़ व्यासी जलविद्युत परियोजना में एल & टी कंपनी के खिलाफ धरना दे रहे हड़ताली श्रमिकों पर पुलिस ने लाठियां फटकाकर कर धरना समाप्त करने का प्रयास किया। इस घटना को सैंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) ने सरकार की हठधर्मिता करार दिया। साथ ही कहा कि शांतिपूर्ण धरना दे रहे श्रमिकों पर लाठीचार्ज करके सरकार का मजदूर विरोधी चेहरा सामने आया। प्रशासन ने एल &टी कंपनी के इशारे पर काम कर रहा है। इसके खिलाफ प्रदेश भर में आंदोलन होगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सीटू से संबंध संविदा श्रमिक संघ उत्तराखंड से जुड़े श्रमिक अपनी मांगों को लेकर पिछले 11 दिनों से धरने पर बैठे थे। वे टनल में काम करने वाले मजदूरों को नियमानुसार 20 फीसद टनल अलाउंस देने, कंपनी की ओर से कई सालों से काम कर रहे श्रमिकों को नियुक्ति पत्र देने, उन्हें काम पर रखने के आदर्श स्थाई आदेश जारी करने की मांग कर रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उनका कहना है कि श्रमिकों की जानवरों से भी बदतर हालत हो गई है। नाइट अलाउंस, प्रोजेक्ट अलाउंस, वेतन पर्ची सहित अन्य मांगों को नजरअंदाज करने पर मजबूर होकर श्रमिक पिछले 11 दिनों से हड़ताल कर धरने पर बैठे थे, किंतु श्रमिकों की जायज मांगे पूरी करने के बजाय सरकार श्रमिकों के आंदोलन को दबाना चाहती है। साथ ही कंपनी को फायदा पहुंचाना चाहती है। इसीलिए शासन प्रशासन मजदूरों को मांगों को नजर अंदाज कर दमन का रास्ता अपना रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर सीटू के प्रांतीय सचिव लेखराज ने बताया कि श्रमिक कार्यस्थल से 500 मीटर के दायरे से बाहर बैठे थे। ऐसे में उन पर लाठी चार्ज करने के बजाय वार्ता कर समय का समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने इसके लिए भाजपा सरकार की फाँसीवादी वी मजदूर विरोधी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।(खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि एल & टी कंपनी के अधिकारी सीटू की यूनियन को छोड़ कर कोई भी यूनियन बनाने को जोर दे रहे हैं। इसलिए मैनेजमेंट की ओर से फर्जी यूनियन खड़ी की जा रही थी। इसका श्रमिकों की ओर से विरोध किया गया। मैनेजमेंट की मंशा श्रमिकों का शोषण बदस्तूर जारी रखने की है। इसे किसी भी हालत में श्रमिक स्वीकार नहीं करेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि श्रम विभाग के अधिकारी भी कंपनी के साथ मिलीभगत में शामिल हैं। श्रम विभाग के अधिकारियों की ओर से भी श्रमिकों को ही डराया जा रहा है और वे कंपनी की भाषा बोल रहे हैं। सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने श्रमायुक्त, जिलाधिकारी देहरादून, श्रम सचिव, ऊर्जा सचिव को ज्ञापन दे कर उक्त मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने मांग की कि उत्तराखंड में केंद्र की तर्ज पर टनल, प्रोजेक्ट, रात्रि अलाउंस सहित सभी श्रम कानून सख्ती से लागू करवाए जाएं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप चौहान, बबलू प्रकाश विपिन कुमार, बॉबी सिंह आदि धरने का नेतृत्व कर रहे है। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि अब दो जून से डाकपत्थर में यूजेवीएनएल कार्यालय पर धरना दिया जाएगा। उनकी मांगे नहीं मानी गई तो सभी श्रमिक देहरादून में यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक कार्यालय पर भी प्रदर्शन करेंगे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


