Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 10, 2026

शिक्षिका सोनिका रमोला नेगी की कविता-घर तो बनाना, पर चाहरदीवारी ना बनाना

चाहरदीवारी….
घर तो बनाना, पर चाहरदीवारी ना बनाना
मंजिलें बढ़ा लेना,पर ये बीमारी ना बनाना
खुले रहने देना, घर के आंगनों को..
बच्चों के खेलने में ये बाधा ना बनाना
दौड़ने देना उन्हें चारों ओर उनमुक्तता से
कि उन्हें अभी से सीमाओं का पाठ ना पढ़ाना
मत बांधना इन चाहरदीवारी के रिश्तों से
और अभी से अपना पराया ना उन्हें समझाना
बेखोफ रिश्ते निभाने देना उन्हें
काले नीले गेट से उस अबोध को ना डराना
किसी की रसोई में नाश्ता..कहीं खाना
अपने दिन कही तुम भूल ना जाना
उस दीवार के दोनों और
कुछ खून के रिश्ते दम तोड़ रहे है
उन रिश्तों को है अगर है मनाना
घर तो बनाना, पर चाहरदीवारी ना बनाना
कवयित्री का परिचय-
सोनिका रमोला नेगी
प्रवक्ता राजनीति विज्ञान
राजकीय बालिका इंटर कालेज दौलाघट अल्मोड़ा