गाड़ी ओवरटेक के दौरान पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी के छात्र का निदेशक से हुआ विवाद, किया निष्कासित, हाईकोर्ट ने लगाई रोक
देहरादून में एक यूनिवर्सिटी के निदेशक (लीगल) के साथ छात्र का गाड़ी ओवरटेक करने को लेकर विवाद हुआ और छात्र को कॉलेज से तीन माह के लिए निष्कासित कर दिया गया। हालांकि बाद में उसे राहत दी गई और निष्कासन 15 दिन का कर दिया। इसके खिलाफ छात्र ने हाईकोर्ट की शरण ली और उसे राहत मिल गई। मामला पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी के पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज का है। हाईकोर्ट नैनीताल ने बैचलर ऑफ डिजाइन अंतिम वर्ष के छात्र के निष्कासन पर रोक लगा दी है। साथ विवि के कुलपति, रजिस्ट्रार व डायरेक्टर लीगल को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)आरोप है कि 16 मई को देहरादून नंदा की चौकी रोड पर डायरेक्टर लीगल की गाड़ी ओवरटेक करने पर तो छात्र ध्रुव चांदना के साथ उनका विवाद हो गया था। इसके बाद अनुशासन समिति ने छात्र को तीन माह के लिए कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया। निष्कासन के खिलाफ छात्र ने कुलपति को प्रत्यावेदन दिया तो उसका निष्कासन घटाकर 15 दिन कर दिया गया। छात्र ने इस आदेश को याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ में याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि डायरेक्टर लीगल बैजनाथ ने ही उसे धमकाया था। एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद छात्र के निष्कासन पर रोक लगाते हुए डायरेक्टर लीगल के साथ ही कुलपति व रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।




