अब बीजेपी दफ्तर के बाहर लगा 100 यूनिट मुफ्त बिजली का पोस्टर, आम आदमी पार्टी ने साधा निशाना
उत्तराखंड के लोगों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की घोषणा के बाद जहां बीजेपी ने इसे लेकर हमला किया और आप का मजाक उड़ाया, वहीं अब बीजेपी दफ्तर के बाहर मुफ्त बिजली के पोस्टर लगा दिए गए। हालांकि पहले ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत ने भी सौ यूनिट बिजली संबंधी बयान दिया था। इसे उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कोई तवज्जो नहीं दी। अब उत्तराखंड में बीजेपी मुख्यालय के बाहर 100 यूनिट फ्री बिजली के पोस्टर को देखकर स्पष्ट है कि आगामी चुनाव में भाजपा भी इसे मुद्दा बनाने जा रही है। पोस्टर में सीएम धामी की फोटो के साथ ही हवलदार हरपाल सिंह की फोटो लगी है। साथ ही लिखा गया है कि उत्तराखंड में जनता को हर महीने 100 यूनिट बिजली फ्री देगी पुष्कर सरकार।
इस पोस्टर की वीडियो जारी करने के साथ ही उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित जोशी ने बीजेपी पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी प्रदेश कार्यालय के बाहर 100 यूनिट बिजली मुफ्त देने के धामी सरकार के पोस्टर चस्पा हुए हैं। पोस्टरों पर उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता रंग बदलने में मास्टर हैं। ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत ने 100 यूनिट बिजली फ्री देने की बात की थी, जबकि उस समय सीएम धामी ने इस पर सहमति नहीं दी। अब तक बीजेपी सरकार ने फ्री बिजली की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। अब जनता को बरगलाने के लिए पार्टी कार्यालय के बाहर धामी सरकार के मुफ्त बिजली देने के पोस्टर लगवा दिए। जो सीधे तौर पर जनता को बरगलाने के लिए लगाया है।
उन्होंने कहा कि आप पार्टी शुरुआत से ही इस बात की वकालत करती आई है कि उत्तराखंड वासियों को उनके मौलिक अधिकारों के अतंर्गत जल जंगल जमीनों पर उनका हक मिले। इसी बात की गंभीरता को समझते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 11 जुलाई को देहरादून आकर ये घोषणा की थी कि आप पार्टी की सरकार बनते ही प्रदेश की जनता को हर महीने 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी। इसके बाद बीजेपी सरकार में ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत ने भी 100 यूनिट मुफ्त बिजली देने की वकालत कर डाली। हालांकि मुख्यमंत्री और खुद मंत्रीजी इस बात से मुकर गए थे।
उन्होंने कहा कि अब आप पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता और मजबूती से डरी सहमी बीजेपी भी मुफ्त बिजली देने की वकालत करते हुए अपने प्रदेश कार्यालय के बाहर मुफ्त बिजली के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। आप उपाध्यक्ष ने बताया कि आप पार्टी काम की राजनीति करती है। जनता के मौलिक अधिकारों को जनता तक पहुंचाना आप पार्टी का सदैव कर्तव्य रहा है। उन्होंने कहा कि, इस प्रदेश को बने 21 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन इन 21 वर्षों में यहां रही दोनों ही दलों की सरकारों को कभी जनता के मौलिक अधिकारों की याद नहीं आई। अब अरविंद केजरीवाल ने मुफ्त बिजली की घोषणा की, तो अब बीजेपी के साथ कांग्रेस के नेता भी बिजली मुफ्त देने की बात कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी दफ्तर के बाहर पोस्टर लगाने से काम नहीं चलने वाला। क्योंकि प्रदेश की जनता ये बखूबी जानती है कि ये बीजेपी का चुनावी स्टंट है और इससे ज्यादा कुछ नहीं है। कहा चुनावी वर्ष आ चुका है और मुख्यमंत्री अब ताबड़तोड़ घोषणाएं कर रहे हैं। तरह तरह के प्रलोभन दे रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री और बीजेपी ये जान लें कि जनता को जवाब चाहिए कि आखिर पूरे कार्याकाल में उन्होंने जनता के लिए की गई घोषणाएं कितनी पूरी की।
आप उपाध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली सरकार के पास अपने संसाधन ना होने के बावजूद भी दिल्ली की जनता को सालों से मुफ्त बिजली पानी की सुविधा दी जा रही है। उत्तराखंड में बिजली का उत्पादन भी होता है, लेकिन यहां की सरकार जनविरोधी सरकार है। इसलिए बीजेपी ये समझ ले कि वो कितने भी बैनर पोस्टर लगा ले, आप पार्टी की लोकप्रियता और आप पार्टी की नीतियों से वो कोसों दूर ही रहेगी।



