बेलारूस के मानवाधिकार कार्यकर्ता एलेस बियालियात्स्की और रूसी और यूक्रेनी संगठन को शांति का नोबेल पुरस्कार
शांति के लिए नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो गई है। नॉर्वे की नोबेल कमेटी ने 2022 में शांति पुरस्कार के लिए बेलारूस के मानवाधिकार अधिवक्ता एलेस बालियात्स्की (Ales Bialiatski) का नाम चुना है। इसके साथ ही रूसी मानवाधिकार संगठन मेमोरियल और यूक्रेनी मानवाधिकार संगठन सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज को यह पुरस्कार मिला है। शांति पुरस्कार विजेता अपने देश में सिविल सोसायटी का प्रतिनिधित्व करते हैं। कई सालों तक उन्होंने सत्ता की आलोचना करते हुए अधिकारों को बढ़ावा दिया और नागरिकों के मूलभूत अधिकार सुरक्षित किए। इन्होंने युद्ध के अपराधों, मानवाधिकार उल्लंघनों और सत्ता के दुरुपयोग को सूचीबद्ध करने में अहम योगदान निभाया। एक साथ यह शांति और लोकतंत्र के लिए सिविल सोसायटी की महत्ता को दर्शाते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)नोबेल पीस प्राइज़ 1901 से 2022 के बीच अब तक 130 बार 140 से नोबेल प्राइज़ विजाताओं को दिए जा चुके हैं। इनमें 110 व्यक्ति और 30 संस्थान शामिल हैं. तब से अब तक इंटरनेशनल कमिटी ऑफ रेड क्रॉस (International Committee of the Red Cross) को तीन बार नोबेल पुरस्कार मिला है। इसे 1917, 1944 और 1963 में नोबेल पुरस्कार मिला। संयुक्त राष्ट्र के शर्णार्थियों के लिए हाई कमिश्नर को दो बार शांति का नोबेल पुरस्कार (1954, 1981) में मिल चुका है। अब तक 27 व्यक्तिगत संस्थाएं भी नोबाल पुरस्कार जीत चुकी हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इससे पहले खबर आई थी कि भारतीय फैक्ट-चेकर मोहम्मद जु़बैर और प्रतीक सिन्हा साल 2022 में नोबेल प्राइज़ जीतने के लिए नामांकित हुए लोगों में से एक हैं। टाइम की रिपोर्ट के अनुसार, ऑल्टन्यूज़ के सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद ज़ुबैर शांति के लिए दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कारों के लिए नामांकित हुए लोगों में शामिल हुए। यह नामांकन नॉर्वे के सांसद और ओस्लो का पीस रिसर्च संस्थान (PRIO) करते हैं।



