भारत सर्वेक्षण विभाग ने केंद्रीय सचिवालय हिंदी परिषद की ओर से महिमानंद भट्ट को नामित किया प्रतिनिधि
भारत सर्वेक्षण विभाग में राजभाषा कार्यान्वयन समिति में महिमानंद भट्ट को केंद्रीय सचिवालय हिंदी परिषद के प्रतिनिधि के रूप में नामित किया गया है। उन्हें ये सम्मान 38 साल की सरकारी सेवा के अनुभवों के आधार पर दिया गया है। इस संबंध में भारत सर्वेक्षण विभाग अधिकारी सर्वेक्षक (प्रभार राजभाषा) की ओर से पत्र जारी किया गया है। देहरादून में आशिमा विहार क्लेमंटाउन निवासी महिमानंद भट्ट को ये जिम्मेदारी सरकारी विभागों में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए दी गई है।इससे पहले केंद्रीय सचिवालय हिंदी परिषद लक्ष्मीबाई नगर नई दिल्ली के महामंत्री राकेश कुमार वर्मा ने नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (केंद्र सरकार) के अध्यक्ष को महिमानंद को केंद्रीय सेवाओं के लिए मामित करते हुए उनकी सेवाएं लेने के लिए सुझाव दिया था। इसमें कहा गया था कि महिमानंद भट्ट देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में स्थित केंद्र सरकार के कार्यालयों, बैंकों, सार्वजनिक उपक्रमों, प्रतिष्ठानों आदि में राजभाषा हिंदी के प्रचार प्रसार करने के लिए, हिंदी भाषियों में सरकारी कामकाज की भाषा को हिंदी में करने की अभिरुचि उत्पन्न करने के लिए निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह इस कार्य में निस्वार्थ भाव से जुटे हैं।
महिमानंद भट्ट के बारे में
महिमानंद भट्ट केंद्रीय भंडारण निगम से वर्ष 2021 में प्रबंधक (राजभाषा) के पद से सेवानिवृत्त हुए। इससे पहले वह राष्ट्रीय पादप अनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) में वर्ष 1982 से 1985 तक सेवा कर चुके हैं। केंद्रीय भंडारण निगम में वह 1986 से 2021 तक रहे। राजभाषा के क्षेत्र में उन्होंने विभिन्न अवसरों पर हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया। हिंदी सलाहकार समिति की बैठकों, संसदीय राजभाषा समिति की प्रश्नावली तैयार करने, नहप राजभाषा कार्यान्वयन समिति के तत्वावधान में प्रतियोगिताएं आयोजित करने, हिंदी पखवाड़े का आयोजन, कवि सम्मेलन आदि का अनुभव है। वह केंद्रीय भंडारण निगम की पत्रिका भंडारण भारती के संपादक भी रह चुके हैं। सरकारी कामकाज में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार, गृह मंत्रालय, प्रशासनिक मंत्रालय, नाराकास आदि से वह कई बार पुरस्कृत हो चुके हैं।




