एसआरएचयू में मॉडर्न बायोलॉजी पर प्रशिक्षण, विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के उपयोग पर की चर्चा
देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जौलीग्रांट के स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज में मॉडर्न बायोलॉजीः एडवांस्ड मॉलिक्यूलर टूल्स फॉर हेल्थकेयर पर चार सप्ताह तक चले प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। इसमें विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई और इंटरनेट ऑफ थिंग्स के उपयोग पर की चर्चा की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
स्कूल ऑफ बायोसांइसेज में आयोजित समापन समारोह की मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय पीडीपी ट्रेनर मंजू नौटियाल ने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, नई सोच के साथ आगे बढ़ने और अपने कार्य में ईमानदारी व नैतिकता बनाए रखने की बात कही। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी, जिससे प्रतिभागियों को नई तकनीकों को समझने का अवसर मिला। स्कूल ऑफ बॉयोसाइंसेज के डीन डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित चार सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम में छह अलग-अलग संस्थानों से आए 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आधुनिक मॉलिक्यूलर तकनीक, बायोइन्फॉर्मेटिक्स टूल्स और प्रयोगशाला में काम करने का प्रायोगिक (हैंड्स-ऑन) प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही वैज्ञानिक लेखन, शोध की नैतिकता और डेटा विश्लेषण जैसे विषयों पर भी सत्र आयोजित किए गए। इस दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें नई तकनीकों और प्रयोगशाला कार्य की अच्छी समझ मिली। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर डीन डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, डॉ. विवेक कुमार, डॉ. निक्कू यादव, डॉ. गीता भंडारी, डॉ. विकास जादौन, डॉ. नूपुर जोशी आदि उपस्थित रहे।
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