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June 22, 2026

अफसरों को दारू का कोटा, जेसीओ व जवानों की उपेक्षाः आवाज उठाई तो पूर्व सैनिकों पर मुकदमा

आमतौर पर सीएसडी कैंटीन में अनियमितताओं की शिकायतें आती रहती हैं। देहरादून में पूर्व सैनिकों ने कैंटीन में शराब के कोटे को लेकर हाल ही में सवाल उठाया था। इसे लेकर गौरव सैनानी एसोसिएशन उत्तराखंड ने हाल ही में देहरादून में सब एरिया कैंटीन गढ़ी कैंट के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि अफसरों को दारू के सारे ब्रांड कैंटीन में उपलब्ध हैं, लेकिन जेसीओ और जवानों का कोटा खत्म बताया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कैंटीन में अन्य अनियमितताओं का आरोप लगाया। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान ही कुछ व्यवस्थाओं में सुधार किया गया था, लेकिन अब प्रदर्शन करने वाले पूर्व सैनिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

50 लोगों को बनाया है आरोपी
सब एरिया सीएसडी कैंटीन में प्रदर्शन करने वाले पूर्व सैनिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। केस में दो नामजद समेत करीब 50 लोगों को आरोप बनाया गया है। उन पर जबरन कैंटीन में घुसकर तालाबंदी कर प्रदर्शन करने का आरोप है। कैंट थाने में सब एरिया कैंटीन इंचार्ज कर्नल विजय दत्ता ने तहरीर दी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ये हैं आरोप
आरोप लगाया कि 23 अप्रैल को गौरव सेनानी एसोसिएशन से जुड़े सूबेदार मेजर (रि) मनवर सिंह रौथाण और नायक (रि) महावीर सिंह राणा पूर्व सैनिकों संग सब एरिया कैंटीन पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने कैंटीन में तलाबंदी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब चार घंटे तक कई लोग बंधक रहे। आरोप था कि जवानों के कैंटीन काउंटर पर लिकर समेत अन्य सामान रखने में अनियमितता की जा रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मौके पर सुबह दस बजे से करीब चार घंटे प्रदर्शन चला। इसे लेकर हाल में एब एरिया इंचार्ज की तरफ से तहरीर दी गई। आरोप लगाया कि पूर्व सैनिकों ने जबरन घुसते हुए लोगों को बंधक बनाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान वहां मौजूद कैंटीन कर्मचारियों और सामान लेकर जाने की कोशिश रहे लोगों से अभद्रता की गई। पूर्व सैनिकों पर प्रदर्शन के दौरान गाली-गलौच करने का आरोप है। लोग सामान खरीदने पहुंचे तो वह भी परेशान हुए। तहरीर में आरोप है कि बंधक बनाए गए लोगों में एक गर्भवती महिला शामिल थी, जिसका वहां से अस्पताल जाने पर गर्भपात हो गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इन धाराओं में दर्ज किया गया है मुकदमा
कैंट पुलिस के मुताबिक, मामले में मनवर सिंह रौथाण और महावीर सिंह राणा को नामजद करते हुए 50 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। पूर्व सैनिकों पर दर्ज मुकदमे में धारा 447, 342, 504, 143 लगाई गई है। वहीं, सेना के पीआरओ की ओर से कहा गया है कि सीएसडी परिसर में 23 अप्रैल को एक्स सर्विस मैन द्वारा रखी गई शिकायतों को उच्च स्तर पर देखा जा रहा है। घटना की निर्धारित मापदंडों के अनुसार जांच जारी है। घटना पर जो केस दर्ज हुआ है वह सेना की मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार है। सेना पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सेना मामले के जल्द समाधान पर काम कर रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

लोकतंत्र में समस्या उठाना गलत नहीं
वहीं, गौरव सेनानी एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर सिंह राणा का कहना है कि लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाना गलत नहीं है। सरकार ने जो सुविधाएं दी हैं, उनमें भेदभाव करना गलत है। ऐसी समस्या को लेकर पूर्व सैनिक कैंटीन गए थे। मुकदमा दर्ज होने की जानकारी उन्हें मिल गई है। पूर्व सैनिक बैठक कर रणनीति बनाएंगे। वहीं, सेवानिवृत्त सुबेदार मेजर तीरथ सिंह रावत ने कहा कि मुकदमा दर्ज करना दुर्भायपूर्ण है। कैंटीन का सिस्टम ठीक नहीं किया जा रहा है। केस दर्ज किया गया तो अब पूर्व सैनिक और मजबूत तरीके से आवाज उठाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ये है प्रकरण
गौरतलब है कि सीएसडी कैंटीन में अनियमितता का आरोप लगाते हुए गौरव सैनानी एसोसिएशन उत्तराखंड ने 23 अप्रैल को देहरादून में सब एरिया कैंटीन गढ़ी कैंट के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया था। उनका कहना था कि अफसरों को दारू के सारे ब्रांड कैंटीन में उपलब्ध हैं, लेकिन जेसीओ और जवानों का कोटा खत्म बताया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कैंटीन में अन्य अनियमितताओं का आरोप लगाया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रदर्शन में ये लोग हुए थे शामिल
प्रदर्शन में गौरव सैनानी एसोसिएशन उत्तराखंड से जुड़े पूर्व सैनिक, सेवारत सैनिक के घर की महिलाएं, महिला पेंशनरों आदि शामिल हुए थे। उन्होंने सब एरिया सीएसडी कैंटीन गढीकैट देहरादून में बहुत बड़ी गड़बड़ी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि कैंटीन की गड़बड़ी के खिलाफ कोई आवाज नहीं उठाता। यदि कोई आवाज उठाता है तो उसे ही उल्टे धमका दिया जाता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ये लगाए हैं आरोप
बताया गया कि 22 अप्रैल को उत्तराखंड सैनिक राज्य परिषद के वर्तमान सदस्य सूबेदार मेजर मनवर सिंह रौथाण, कुछ अन्य पूर्व सैनिकों ने जवान और जेसीओ काउंटर में सामान व लिकवर न होने व आफिसर काउंटर में भरा होने की शिकायत की, तो कैंटीन मैनेजर ने इनके साथ अभद्रता की। आरोप है कि उन्हें बताया गया कि शराब का कोटा समाप्त हो चुका है। एक दो महंगी ब्रांड की शराब ही मौके पर उपलब्ध थी। साथ ही शिकायत करने वालों के खिलाफ सेना पुलिस बुला दी। कहा कि ये 1800 आफिसर का कोटा रिजर्व है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस पर जब मनवर सिंह रौथाण सहित कई लोगों ने हंगामा किया। इसके बाद मेनेजर ने रातोंरात जवान और जेसीओ का काउंटर हर सामान व शराब आदि को भर दिया। गौरव सैनानियों ने जब गेट पर तालाबंदी की तो मेनेजर बाहर आये और सभी को कैंटीन की तमाम कमियां बताई। साथ ही अगले 2-3 दिन में कमियां सुधारने का वादा किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ये है मांग
1.सी एस डी के अंदर लिकवर वह ग्रॉसरी काउंटर एक साथ होनी चाहिए। ताकि असुविधा न हो।
2. सी एस डी के अंदर जवान व जेसीओ जिस सामान की व लिकवर की डिमांड करें, वही सामान मिलना चाहिए ना की कोई भी सामान थोपा जाना चाहिए।
3. सामान व लिकवर ऑफिसर जेसीओ जवान को निर्धारित कोटे के अनुसार ही दिया जाना चाहिए। सिर्फ जवानों व जेसीओ की कटौती न की जाए।
4. ऑफिसर काउंटर, जवान व जेसीओ के काउंटर सारे एक हॉल में होने चाहिए। ताकि पारदर्शिता बनी रहे। अलग से छुपाव नहीं होना चाहिए।
5. ऑफिसर काउंटर के साथ जवान, जेसीओ, वीर नारियां, महिलाएं आदि जो भी सीनियर सिटीजन हैं, इसी काउंटर पर होने चाहिए न कि सामान्य लाइन में।
6. कैंटीन में स्टाफ की पूर्ति होनी चाहिए। लंच ब्रेक में अन्य स्टाफ बदली करके काउंटर लगातार चलना चाहिए। क्योंकि पूर्व सैनिक, सैनिक महिलाएं, वीर नारियां बहुत दूर दूर से आते हैं।
7.आज के समय में अभी तक कैंटीन में टोकन सिस्टम उपलब्ध नहीं है। वहीं, धूप में लाइन में बड़े बुजुर्ग, महिलाओं को लम्बी लाइनों में खड़ा किया जाता है। अधिकारी साइट से निकलकर तुरंत सामान लेकर चले जाते हैं ये बहुत ग़लत है।
8.जब कैंटीन में कार्डधारकों की संख्या बढ़ रही तो काउंटर क्यों नहीं बढाये जा रहे हैं। क्यों लम्बी कतारें में परेशान किया जा रहा। अफसर के लिए कोई लाइन नहीं।
9.स्टाफ और मैनेजर लम्बे समय तक बदली न करने से मनमानी व व्यवहार सही नहीं करते हैं।
सोचनीय विषय में एक्शन न हुआ तो और बड़ा आंदोलन होगा।
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Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।