Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

January 27, 2026

ललित मोहन गहतोड़ी का रैप सांग- बढ़ आगे चल

ललित मोहन गहतोड़ी का रैप सांग- बढ़ आगे चल।

बढ़ आगे चल…

चल उठ, चल उठ, चल उठ
बढ़ आगे चल-4

मैं बात पते की करने का
गफलत में तू नहीं रैने का
कुछ आगे पीछे सोच ले
बुरा काम नहीं कोई करने का
चल उठ, चल उठ, चल उठ
बढ़ आगे चल-4

खोना ना कभी चलती राह में
आती जाती धूप छांव में
चंद घनेरी मंद रात में
घबराना मत बात बात में
चल उठ, चल उठ, चल उठ
बढ़ आगे चल-4

छोड़ दे रोना हर बात में
चला नहीं कोई संग साथ में
डाल गबांहें हाथ हाथ में
कोई अंतर नहीं छांव छाता में
चल उठ, चल उठ, चल उठ
बढ़ आगे चल-4

कदम मिलाके कदमताल कर
बात पते की बेमिसाल कर
अपना रुतबा लाजवाब कर
बंदों बीच में जा धमाल कर
चल उठ, चल उठ, चल उठ
बढ़ आगे चल-4

समय है सबका आता सुन बे
चल निकलेंगे काम तेरे धंधे
बात पते की जान ले बन्दे
करम के अपने चर्चे होंन दे
चल उठ, चल उठ, चल उठ
बढ़ आगे चल-4

कवि का परिचय
नाम-ललित मोहन गहतोड़ी
शिक्षा : हाईस्कूल, 1993
इंटरमीडिएट, 1996
स्नातक, 1999
डिप्लोमा इन स्टेनोग्राफी, 2000
निवासी-जगदंबा कालोनी, चांदमारी लोहाघाट
जिला चंपावत, उत्तराखंड।

Bhanu Bangwal

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *