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July 26, 2026

ललित मोहन गहतोड़ी का छलेड़ी गीत-हमारी भी तनिक…

ललित मोहन गहतोड़ी का छलेड़ी गीत-हमारी भी तनिक।


हमारी भी तनिक…

कमीनो भोखड़ी वालो (2)
हमारी भी तनिक सुनलो
कमीनी खोपड़ी वालो
हमारी भी तनिक…

बचपन में सताया खूब
जवानी बरगलाया रौब
बुढ़ापे में दिखाया खौफ
पटक नीचे गिराया खूब
क्या औकात तुम सालों
कमीनी खोपड़ी वालों
हमारी भी तनिक…
कमीनो भोखड़ी वालो (2)

क्यों रंग में भंग करते हो
क्यों तन तरंग भरते हो
दारू छटांग भर पीके
बड़बोले दंभ भरते हो
तुम्हारी दादा गिरी से
हमारा खून खौले है
तनिक चुपचाप भी सुनलो
कमीनी खोपड़ी वालों
हमारी भी तनिक…
कमीनो भोखड़ी वालो (2)

उधम दिनभर मचाते हो
बड़ी आंखें दिखाते हो
ये क्या मरजी तुम्हारी है
के खुदगर्जी तुम्हारी है
कहो तो खोल दूं ये पोल
समझलो दुनिया को तुम गोल
बजा देंगे समझ तुम्हें ढोल
कमीनी खोपड़ी वालों
हमारी भी तनिक…
कमीनो भोखड़ी वालो (2)

हम इज्जत तुम्हारी करते हैं
यह मत समझो कि डरते हैं
विनती कर जोड़ करते हैं
संभल जाओ खबीस सालों
अब गलती ना होगी सहन
करना मत किसी की तौहीन
वरन औकात क्या सालों …
कमीनी खोपड़ी वालों
हमारी भी तनिक…
कमीनो भोखड़ी वालो (2)

कवि का परिचय
नाम-ललित मोहन गहतोड़ी
शिक्षा : हाईस्कूल, 1993
इंटरमीडिएट, 1996
स्नातक, 1999
डिप्लोमा इन स्टेनोग्राफी, 2000
निवासी-जगदंबा कालोनी, चांदमारी लोहाघाट
जिला चंपावत, उत्तराखंड।