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August 10, 2026

कांग्रेस चुनाव हारी है, हिम्मत नहीं, होली बाद पराजय के कारणों की होगी समीक्षाः देवेंद्र यादव

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के उत्तराखंड प्रभारी देवेन्द्र यादव ने आज कहा प्रदेश की जनता की ओर से दिया गया जनादेश शिरोधार्य है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस चुनाव हारी है, लेकिन हिम्मत नहीं हारी है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के उत्तराखंड प्रभारी देवेन्द्र यादव ने आज कहा प्रदेश की जनता की ओर से दिया गया जनादेश शिरोधार्य है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस चुनाव हारी है, लेकिन हिम्मत नहीं हारी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसजनो ने पूरे मनोयोग से चुनाव अभियान में भाग लिया और पार्टी के मत प्रतिशत को बीते चुनाव की तुलना में बहुत ऊँचा पहुचाया है। 2017 में कांग्रेस को 33.5 फीसद मत मिले थे, यह इस बार बढ़ कर 37.91 फीसद हो गया है। अफ़सोस यह है कि प्रदेश में पार्टी का मत प्रतिशत तो बढ़ा, लेकिन उस अनुपात में सीटें नहीं बढ़ी। यह हमारे लिए आत्म चिन्तन का विषय है और होली के बाद चुनाव में हुई पराजय के कारणों की समीक्षा की जाएगी। जहां कमियां रह गई, उन्हें दूर करने का भरसक प्रयास किया जाएगा। उन्होंने पार्टी के तमाम लोगों से कहा है कि वे मनोबल बनाये रखें।
देवेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेसजनो ने पूरे मनोयोग से चुनाव लड़ा। इसके लिए प्रदेश से लेकर गांव स्तर के तमाम कार्यकर्ता धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर अपार धन बल का बोलबाला था और दूसरी ओर हमारे कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत थी। सभी कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह से चुनाव अभियान में भागीदारी की, लेकिन हम उच्च मत प्रतिशत हासिल करने के बावजूद लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पाये। यह हमारे लिए चिन्तन का विषय है और होली के बाद तमाम पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के चुनाव अभियान के दौरान हमारे चुनाव अभियान में सभी नेताओं, सभी पदाधिकारी से लेकर गांव स्तर के कार्यकर्त्ता ने जिस समर्पण के साथ काम किया। उसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए कम होगी।
यादव ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से आग्रह किया है कि हार के कारणों की समीक्षा से पहले सार्वजनिक रूप से बयानबाजी से परहेज करें। अन्यथा इसे अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना जाएगा।
उन्होंने आग्रह किया है कि पार्टी नेता सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर किसी तरह की टिप्पणी करने के बजाय पार्टी के मंच पर अपनी बात रखें। क्योंकि सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर टिप्पणी से सिर्फ और सिर्फ हमारे विरोधियों को ही फायदा होगा। इस तरह के प्रयास से पार्टी को लाभ के स्थान पर नुकसान ही होता है। उन्होंने इस सलाह का पालन करने की सभी नेताओं और कार्यकर्त्ताओं से विनम्र अपील भी की है। गौरतलब है कि उत्तराखंड में विधानसभा की 70 सीटों में बीजेपी को 47, कांग्रेस को 19 व अन्य को चार सीटें मिली। पिछली बार के चुनाव में कांग्रेस को 11 सीटें मिली थी।