जानिए, कब होगी सूर्य की मौत, देखने को जिंदा नहीं रहेगा इंसान, निगल जाएगा सौरमंडल के सभी क्षुद्र ग्रह और चंद्रमा को
मौत के दौरान ऐसा हो सकता है सूर्य का नजारा
ये भी तय है कि ब्रह्मांड में जो भी जन्म लेता है या बनता है, एक दिन उसका अंत भी निश्चित है। चाहे कोई भी ग्रह हो, एक ना एक दिन सबका अंत होगा। ऐसे में सवाल है कि क्या हमारे सूरज की भी एक दिन मौत हो जाएगी। इसका जवाब हां में है। वैज्ञानिकों का तर्क है कि जिस वक्त सूरज अपने आखिरी पलों में होगा, उस वक्त वह सौरमंडल में मौजूद सभी ग्रहों को निगल जाएगा। सुनने में ये भले ही डरावना लगे, मगर ऐसा होने में अभी पांच अरब साल का वक्त है। हालांकि, कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, इनके जरिये ये समझाने का प्रयास किया गया है कि मौत के वक्त सूर्य का नजारा कैसा होगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सूर्य की मौत के दौरान क्या होगा
सूर्य की मौत की वजह से पृथ्वी पर मौजूद सभी तरह का जीवन खत्म हो जाएगा। सौरमंडल में मौजूद सभी ग्रह, क्षुद्रग्रह, पत्थर, चंद्रमा सब खत्म हो जाएंगे। एक तरह से सूर्य इन सभी चीजों को निगल जाएगा। जिस तरह से पटाखों को जलाने के बाद उसमें से कई तरह के केमिकल निकलते हैं और रंग-बिरंगी रोशनी होती है। ठीक वैसे ही सूर्य की मौत के बाद भी देखने को मिलेगा। बहुत कम उम्मीद है कि इंसान इस नजारे को देखने के लिए जिंदा बचें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
नासा ने रिंग नेबुला को लेकर किया अध्ययनदरअसल, अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। इन तस्वीरों को लेकर बताया गया है कि जब हमारे सूर्य की मौत होगी, तो नजारा कुछ ऐसा ही होगा। नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप के जरिये कैमरे में कैद की गई तस्वीरें ब्रह्मांड में मौजूद रिंग नेबुला की है। इसे Messier 57 के तौर पर जाना जाता है। तस्वीर में रिंग नेबुला को कई रंगों में देखा जा सकता है, जो कि निकल रही गैस है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सूर्य की तरह मरते हुए तारे से बना है रिंग नेबूला
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, रिंग नेबुला हमारे सूर्य की तरह मरते हुए एक तारे से बना है। पृथ्वी से इसकी दूरी 2600 प्रकाशवर्ष है। सितारे की मौत के बाद कई तरह के गैस और पदार्थ निकल रहे हैं। इसकी वजह से इसे ऐसा आकार मिला है। पहले भी रिंग नेबुला की तस्वीर ली गई है, मगर जेम्स से खीचीं गई नई तस्वीर ज्यादा साफ है। इसमें रिंग नेबुला के किनारों पर मौजूद रिंग को साफ तौर पर देखा जा सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
हो रहा है अध्ययन
रिंग नेबुला की अलग-अलग तस्वीरों का विश्लेषण करके रिसर्चर्स ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर इस तरह के ऑब्जेक्ट के तैयार होने के पीछे क्या वजह है। अंतरिक्ष में मौजूद इस तरह की चीजें आगे कैसा व्यवहार करती हैं। इस पर भी स्टडी हो रही है। रिंग नेबुला की सबसे बड़ी खूबी ये है कि इसे एक छोटे टेलिस्कोप के जरिए भी देखा जा सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सूर्य की मौत के समय का नजारा
वैज्ञानिकों का मानना है कि आज से पांच अरब साल बाद हमारा सूर्य एक बड़े लाल सितारे में बदल जाएगा। अभी सूर्य का जो आकार है, वह उससे 100 गुना ज्यादा बड़ा होगा। इसके बाद सूर्य से कई तरह की गैस और धूल निकलने लगेंगी, जो इसके द्रव्यमान का आधा होंगी। सूर्य का कोर एक बौने सितारे में तब्दील हो जाएगा, जो हजारों सालों तक चमकता रहेगा। हमारा सूर्य बिल्कुल रिंग नेबुला के आकार का हो जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
जानिए कैसे हुआ सूर्य का जन्म
नेशनल ज्योग्राफिक की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 4.5 अरब साल पहले हीलियम और हाइड्रोजन से बने एक आणविक बादल से सूरज के बनने की शुरुआत हुई थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि सुपरनोवा से सूरज के नजदीक एक बेहद शक्तिशाली शॉकवेव उत्सर्जित हुआ जो उस आणविक बादल के संपर्क में आया और उसकी शक्ति से वह चार्ज हो गया। इस प्रक्रिया की वजह से सूरज की उत्पत्ति हुई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इतने अरब साल बाद सूरज का होगा अंत
धरती से करीब 15 करोड़ किलोमीटर दूर सूरज स्थित है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पांच अरब साल बाद सूरज की मौत होगी। इस समय सूरज की आधी उम्र बीत चुकी है। वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है कि सूर्य लाल तारे में परिवर्तित हो जाएगा। उनके मुताबिक, सूरज का कोर सिकुड़ जाएगा और इस प्रक्रिया में अपने ग्रह धरती को घेरते हुए सूरज की बाहरी परतें मंगल की कक्षा तक पहुंच जाएगी। मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं को साल 2018 में एक रिसर्च में पता चला था सूरज 90 फीसदी तारों की तरह सिकुड़ कर सफेद बौना तारा बन जाएगा। शोधकर्ताओं के मुताबिक, सूर्य की जब ऐसी स्थित होगी, उस समय तक धरती पर इंसान नहीं बचेगा।
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