कर्नाटक सरकार ने लिया बड़ा फैसला, ओबीसी मुसलमानों के आरक्षण को किया समाप्त, इसे इन समुदाय में बांटा
कर्नाटक में इस साल होने वाले विधानसभी चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने ओबीसी मुसलमानों को मिल रहे चार फीसदी आरक्षण को खत्म कर दिया है। साथ ही आरक्षण के इस कोटे को वोक्कालिगा और लिंगायत समुदाय के बीच बांटा गया है। जिन मुसलमानों को पहले ये कोटा दिया जाता था, उन्हें अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के तहत वर्गीकृत किया गया है। सीएम का यह फैसला चुनाव को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला माना जा रहा है।राजनीति के जानकार मान रहे हैं कि बीजेपी को इससे आने वाले चुनाव में फायदा हो सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
राज्य सरकार के इस फैसले ने कर्नाटक में आरक्षण प्रतिशत को बढ़ा दिया है। एससी ने राज्य में कोटे देने का प्रतिशत 50 तय किया था, लेकिन इस बदलाव के बाद अब राज्य में आरक्षण की सीमा बढ़कर 57 फीसदी हो गई है। यह फैसला लेने के बाद सीएम ने पत्रकारों से कहा कि हमने कुछ बड़े निर्णय लिए हैं। हमे एक कैबिनेट कमेटी ने कोटा कैटेगरी में बदलाव के लिए सुझाव दिया था, जिसे हमने मान लिया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सीएम के इस फैसले के बाद अब दो नई श्रेणियों आरक्षण को बढ़ा दिया गया है। वोक्कालिगा के लिए कोटा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है। पंचमसालियों, वीरशैवों और अन्य लिंगायतों वाली अन्य श्रेणी के लिए भी कोटा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत हो गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
चुनाव से महीनेभर पहले राज्य सरकार ने लिया फैसला
वोक्कालिगा और लिंगायत समुदाय के लिए पिछले साल बेलगावी विधानसभा सत्र के दौरान 2सी और 2डी की दो नई आरक्षण श्रेणियां बनाई गईं थीं। मंत्रिमंडल ने धार्मिक अल्पसंख्यकों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) श्रेणी के तहत लाने का फैसला किया। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए लगभग एक महीने का वक्त बचा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बोले मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई
मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि धार्मिक अल्पसंख्यकों का आरक्षण समाप्त कर दिया जाएगा और बिना किसी शर्त के बदलाव के ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 10 प्रतिशत पूल के तहत लाया गया। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए चार फीसदी आरक्षण को 2सी और 2डी के बीच दो हिस्सों में बांटा जाएगा। वोक्कालिगा और अन्य के लिए चार प्रतिशत आरक्षण बढ़कर छह प्रतिशत हो जाएगा जबकि वीरशैव पंचमसाली और अन्य (लिंगायत), जिन्हें पांच प्रतिशत आरक्षण मिल रहा था, उन्हें अब सात प्रतिशत मिलेगा।



