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July 1, 2026

भारत के दो फैक्ट चेकर नोबेल शांति पुरस्कार के दावेदार, जानिए इनके बारे में

नोबेल प्राइज वीक 2022 के तहत विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वालों को सम्मानित किया जा रहा है। नॉर्वे के समय अनुसार शुक्रवार सात अक्टूबर को ओस्लो में दिन में 11 बजे नोबेल पीस प्राइज की घोषणा होगी। भारतीय फैक्ट चेकर मोहम्मद जु़बैर और प्रतीक सिन्हा साल 2022 में नोबेल प्राइज़ जीतने के लिए नामांकित हुए लोगों में से एक हैं। टाइम की रिपोर्ट के अनुसार, ऑल्टन्यूज़ के सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद ज़ुबैर शांति के लिए दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कारों के लिए नामांकित हुए लोगों में शामिल हैं। यह नामांकन नॉर्वे के सांसद और ओस्लो का पीस रिसर्च संस्थान (PRIO) करते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इसी साल जुबैर को पुलिस ने किया था गिरफ्तार
जुबैर को इसी साल जून में साल 2018 के एक ट्वीट के लिए गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस की एफआईआर के अनुसार, यह ट्वीट बेहद भड़काऊ और दो धर्मों के बीच नफरत उकसाने वाला था। इसके बाद उनके खिलाफ यूपी में भी कई केस दर्ज किए गए थे। ज़ुबैर की गिरफ्तारी की दुनियाभर में निंदा की गई थी। इसके बाद पत्रकारों की रक्षा करने के लिए बनी एक गैर-सरकारी कमिटी ने कहा था कि यह भारत में प्रेस की स्वतंत्रता के लिए एक नई गिरावट है। जहां सरकार सांप्रदायिक मामलों पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों के लिए विरोधी और असुरक्षित माहौल बना रही है। ज़ुबैर एक महीने बाद तिहाड़ जेल से लौटे थे। उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी थी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

पुरस्कारों की दौड़ में 343 उम्मीदवार
साल 2022 के लिए शांति के लिए नोबेल पुरस्कारों की दौड़ में 343 उम्मीदवार हैं। इनमें से 251 व्यक्ति हैं और 92 संस्थान हैं। हालांकि नोबल पुरस्कार कमिटी नामांकित लोगों का नाम ज़ाहिर नहीं करती है। ना ही मीडिया और ना ही उम्मीदवारों को इसकी जानकारी होती है। वहीं, रॉयटर्स के एक सर्वे ने पता लगाया है कि बेलारूस की विपक्षी नेता स्वितलाना, ब्रॉडकास्टर डेविड एटेनबर्ग, क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग, पोप फ्रांसिस, तुवालु के विदेश मंत्री साइमन कोफे और म्यामार की नेशनल यूनिटी सरकार को नॉर्वे के सांसदों ने चुना है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ये हैं नियम
नोबेल पुरस्कार कमिटी के शांति पुरस्कारों के नियमों के अनुसार, किसी पुरस्कार के मिलने के 50 साल पूरे होने तक ना तो उम्मीवारों का नामांकन और ना ही नामांकित करने वाले लोगों के नाम सार्वजनिक होने चाहिए। वहीं, रिपोर्ट्स के अनुसार, मिस्टर सिन्हा और जुबैर के अलावा, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्सकी, संयुक्त राष्ट्र की रिफ्यूजी एजेंसी, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन और रूस में व्लादिमिर पुतिन के आलोचक और विरोधी नेता एलेक्सी नावेलनी को भी शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है।