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October 28, 2026

भू कानून की मांग के समर्थन में युवा कवि नवीन जोशी की गढ़वाली कविता-पैंछु पठ्याळी करा धौं

कवि टिहरी गढ़वाल के पिलखी के पोस्टऑफिस में उपडाकपाल के पद पर कार्यरत हैं। वह टिहरी गढ़वाल के थौलधार विकासखंड के कोट गांव के निवासी हैं। कविता लिखना उनका शौक है।

पैंछु पठ्याळी करा धौं
कुठार कु अन्न खवा‌ धौं
मातृभुमि छ तुम्हारी
भू कानुन लावा धौं

माधु कु त्याग समझा
सुमन कु सर्घंस देखा
कफु कु बलिदान देखा
रामी कु स्वाभिमान समझा

ये मोऴ माटा मा जन्म्यां हम
ये मोऴ माटान सैंतीं पाऴी हम
ये मोळ माटा कि खातिर सोचा तुम
अबरी घड़ी भू कानुन लावा तुम

सुख दुख मा साथ रवा धौं
मोऴ माटा सी प्यार करा धौं
आख़िर जन्म भुमि छ तुमरी
भु कानुन जरुर बनावा धौं

अपणी डोखर्यों तैं न बेचा धौं
नौना‌ बाऴो तैं काम सिखा‌ धौं
भु माफियाओं तैं सबक सिखा धौं
अपणी माटी सी प्यार करा धौं

कवि का परिचय
नाम-नवीन जोशी
कवि टिहरी गढ़वाल के पिलखी के पोस्टऑफिस में उपडाकपाल के पद पर कार्यरत हैं। वह टिहरी गढ़वाल के थौलधार विकासखंड के कोट गांव के निवासी हैं। कविता लिखना उनका शौक है।

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।