Recent Posts

Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Recent Posts

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

October 16, 2026

इंसान की तरह बंदर भी है लालची, वीडियो देखोगे हो हंसते हंसते हो जाएगा पेट दर्द, मिलेगा शानदार संदेश

लालच की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन ज्यादा लालच नुकसान ही देता है। इसलिए व्यक्ति को संतोषी होना चाहिए। नहीं, तो लालच के फेर में जो हाथ में आया वो भी निकल जाएगा। ऐसा आज से नहीं, बल्कि हमेशा से कहा जाता है।

लालच की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन ज्यादा लालच नुकसान ही देता है। इसलिए व्यक्ति को संतोषी होना चाहिए। नहीं, तो लालच के फेर में जो हाथ में आया वो भी निकल जाएगा। ऐसा आज से नहीं, बल्कि हमेशा से कहा जाता है। इसके बावजूद इंसान की लालच की सीमा खत्म नहीं होती। यहां एक लालची बंदर का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वह भी इंसान की तरह लालच करता है। उसका लालच देखकर आप हंसने से खुद को रोक नहीं पाओगे।सोशल मीडिया पर ये काफी वायरल हो रहे इस वीडियो को आईपीएस अधिकारी रुपिन शर्मा ने अपने ट्विटर पर शेयर किया है। रुपिन शर्मा अस्कर अलग अंदाज के वीडियो शेयर करने के लिए जाने जाते रहे हैं। अबकी बार वीडियो के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा है, और और पाने के लालच में, जो उसके पास है उस आनंद से भी जाता है।

वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक बंदर हाथ में ब्रेड यानि पाव लेकर खा रहा है। वहीं पास खड़ा एक शख्स एक के बाद एक पाव उसे देता जा रहा है। बंदर खाते-खाते पाव भी ले रहा है। बंदर के हाथ पूरी तरह से भरे हुए हैं। यहां तक कि उसने अपने पैरों में भी कई पाव को फंसा रखा है, लेकिन उसका लालच खत्म ही नहीं हो रहा है। उसे लग रहा है कि वो सारे पाव एकसाथ ले ले, ताकि कोई दूसरा न ले पाए।
इतना ही नहीं, शख्स उसे केले भी देता है और वे सारे केले भी ले लेता है। इस चक्कर में बंदर के हाथ से पाव और केले नीचे भी गिर जाते हैं, लेकिन बंदर की लालच खत्म नहीं होता। लालची बंदर की ऐसी हरकत की वजह से वो ठीक से खा भी नहीं पा रहा है।उसके पास जो पहले पाव हैं वो भी उसके हाथ से छूटकर गिर जा रहे हैं। इसी वजह से ये कहा जाता है कि ज्यादा लालच बुरी बात है।

Bhanu Prakash

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।