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July 30, 2026

ललित मोहन गहतोड़ी की कलम से होली लोकगीत

ललित मोहन गहतोड़ी की कलम से होली लोकगीत।

धन्य धन्य तेरो भाग्य सिरतोली
तेरी महिमा सबमें न्यारी छै

पूरव में कुकड़ी कोट बसत है।।२।।
पश्चिम में पत्थर कोट… सिरतोली तेरी महिमा…

दक्षिण में मल्ल कोट बसत है।।२।।
उत्तर में कान कोट… सिरतोली तेरी महिमा…

चारों दिशाएं बीच कोट में।।२।।
ब्रह्मा जी को थान… सिरतोली तेरी महिमा…

सिरतोली खुलो वेद विद्यालय।।२।।
वेद पढ़े मिटे भेद… सिरतोली तेरी महिमा…

कवि का परिचय
नाम-ललित मोहन गहतोड़ी
शिक्षा :
हाईस्कूल, 1993
इंटरमीडिएट, 1996
स्नातक, 1999
डिप्लोमा इन स्टेनोग्राफी, 2000
निवासी-जगदंबा कालोनी, चांदमारी लोहाघाट
जिला चंपावत, उत्तराखंड।