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June 29, 2026

यूसर्क की ओर से हिमालय दिवस सप्ताह का आयोजन शुरू, प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण को ली हिमालय प्रतिज्ञा

उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) देहरादून की ओर से आज से हिमालय दिवस सप्ताह कार्यक्रम शुरू हो गया है। इसका आयोजन एमकेपी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, देहरादून के सहयोग से महाविद्यालय के सभागार में किया जा रहा है। इस मौके पर प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए हिमालय प्रतीज्ञा भी ली। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कार्यक्रम में यूसर्क की निदेशक प्रो. डॉ. अनीता रावत ने कहा कि यूसर्क की ओर से हिमालय दिवस को हिमालय दिवस सप्ताह के रूप में ‘हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने में महिलाओं की भूमिका – एक सहभागी आंदोलन’ विषयक थीम पर मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमालय हमारी प्रेरणा का स्रोत है और यूसर्क द्वारा हिमालयी संसाधनों के संरक्षण के लिए जागरूकता एवं अध्ययन संबंधी कार्यों को विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से किया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित समस्त प्रतिभागियों को हिमालय की रक्षा के लिए हिमालय प्रतिज्ञा दिलवाई। उन्होंने कहा कि हिमालय मानवीय चेतना व संवेदना का अजस्त्र पुंज है और आध्यात्मिक चेतना के केन्द्र होने के साथ ही सामाजिक चेतना व आर्थिक उन्नति का केन्द्र है। इस केन्द्र में महिलाओं की सशक्त भागीदारी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि हिमालय के संरक्षण हेतु हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। पालीथीन आदि के प्रयोग से होने वाले प्रदूषण को रोकना होगा और अपने हिमालयी पर्यावरण को बचाना होगा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि एवं उत्तराखंड जन सेवा मंच की सचिव साधना जयराज ने हिमालय के पर्यावरणीय, अध्यात्मिक एवं देश की सुरक्षा के दृष्टिकोण से विशिष्ट महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिमालयी जैवविधिता एवं संसाधनों के संरक्षण में महिलाओं का विशेष योगदान रहा है। हिमालयी भूभाग की औषधियां एवं जल संसाधन मानव जीवन की रक्षा करते है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

कार्यक्रम में एमकेपी महाविद्यालय की चित्रकला विभाग की विभागाध्यक्ष एवं एनएसएस की वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डा. ममता सिंह ने भारतीय संस्कृति में हिमालय विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में हिमालय का विशेष महत्व पौराणिक काल से रहा है। गंगा, यमुना एवं अन्य नदियों हिमालय से निकल कर देश के एक बड़े भूभाग को लाभान्वित करती है। हिमालयी क्षेत्र के सभी प्राकृतिक संसाधन पौराणिक काल से लेकर आज तक मानव जीवन की रक्षा कर रहे है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एमकेपी महाविद्यालय की प्राचार्या डा. सरिता कुमार ने कहा कि हिमालय की रक्षा के लिए सभी को सहभागिता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में पर्यावरण विषयक कार्य भी विद्यार्थियों के लिये आयोजित किये जाते है। कार्यक्रम के अन्तर्गत महाविद्यालय के विद्यार्थियों के मध्य ‘हिमालय दिवस’ की थीम पर आयोजित पेन्टिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। इसमें प्रथम स्थान शिवानी, द्वितीय स्थान रीतिका चौहान, तृतीय स्थान जयश्री व रमन दीप ने प्राप्त किया। सांत्वना पुरूस्कार पुष्पा एवं रितिका ने प्राप्त किया। विजेता छात्राओं को यूसर्क की ओर से प्रमाण पत्र के साथ ही पुस्तकें आदि प्रदान की गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक डा. मन्जु सुन्दरियाल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डा ओम प्रकाश नौटियाल ने किया। उक्त कार्यक्रम में डॉ भवतोष शर्मा, डा राजेन्द्र सिंह राणा, शिवानी पोखरियाल, ई उमेश जोशी द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के 125 से अधिक छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।