Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 15, 2026

गांधी ग्राम गुरुद्वारे में मनाया गया गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी पर्व, गुरु तेग बहादुर के बलिदान की दुनिया में मिसाल नहींः धस्माना

सिख पन्थ के नौवें गुरु श्री तेगबहादुर जी के बलिदान दिवस आज देहरादून में गुरुद्वारा श्री तेगबहादुर गांधी ग्राम में अखंड पाठ की समाप्ति व शब्द कीर्तन व गुरु के लंगर के साथ मनाया गया। दरबार साहब अमृतसर से प्रसिद्ध रागी किरपाल सिंह ने गुरु तेगबहादुर जी के लिखे शब्द कीर्तन गा कर संगतों को निहाल किया। इस अवसर पर गुरु तेग बहादुर जी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना ने कहा कि गुरु तेगबहादुर जी का देश व धर्म के लिए किया गया बलिदान दुनिया में एक ऐसी मिसाल है, जिसकी तुलना किसी अन्य बलिदान से नहीं कि जा सकती। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

धस्माना ने कहा कि गुरु तेगबहादुर जी को पता था कि उनको अपने धर्म न त्यागने व इस्लाम कुबूल न करने पर मौत की सज़ा मिलेगी। फिर भी वह अपने धर्म पथ पर अडिग रहे और बिना सी किये उन्होंने अपना शीश देश व धर्म के लिए कुर्बान कर दिया। उन्होंने कहा कि गुरु तेगबहादुर जी का जीवन ध्यान, भजन भक्ति व सेवा में बीता तथा उन्होंने 26 वर्षों तक ध्यान साधना की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि गुरु तेगबहादुर जी के सुपुत्र सिख पंथ के दसवें व अंतिम देहधारी गुरु श्री गोबिंद सिंह ने अपने पिता की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए देश व धर्म की रक्षा के लिए खालसा पंथ की स्थापना की व अपना सर्वस्व देश और काम के लिए कुर्बान कर दिया। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के राजा सिंह अशोक गोलानी , शिव सेना के उत्तराखंड प्रमुख गौरव कुमार, अनुज दत्त शर्मा आदि उपस्थित रहे।