यूपीआइ पेमेंट पर शुल्क लगाने को लेकर सरकार ने स्पष्ट की स्थिति, नहीं लगेगा डिजिटल पेमेंट पर कोई चार्ज
यूपीआई पेमेंट पर शुल्क लगाने की खबरों से डिजिटल भुगतान क्षेत्र में हलचल महसूस की जा रही थी। इसके साथ ही केंद्र सरकार की आलोचना होने लगी थी। अब केंद्र सरकार ने इसे लेकर स्थिति को साफ कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि यूपीआई के डिजिटल पेमेंट पर शुल्क लगाने का उसका कोई इरादा नहीं है। यूपीआई डिजिटल पेमेंट से आम जनता को बेहद फायदा पहुंचा है। उससे कारोबार भी आसान हुआ है। साथ ही जनता राहत महसूस कर रही है। लिहाजा सरकार का यूपीआई सेवाओं पर शुल्क लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। वित्त मंत्रालय ने सर्विस प्रोवाइडर्स की नुकसान की चिंताओं पर कहा कि इसकी भरपाई अन्य विकल्पों के जरिये की जाएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर यह भी कहा है कि डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम ने पिछले कुछ वर्षों में बड़ी वित्तीय मदद की है और इस कारण आर्थिक रूप से फायदेमंद और ग्राहकों को फायदा पहुंचाने वाले डिजिटल पेमेंट प्लेटफार्म को सरकार बढ़ावा देगी। इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने पर सरकार विचार कर रही है। हर महीने यूपीआई भुगतान की संख्या अरबों तक पहुंच गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री ने एक रिपोर्ट साझा करते हुए दावा किया था कि जुलाई में भारत में यूपीआई ट्रांजैक्शन 6 बिलियन के आंकड़े को पार कर गया। यानी कि अकेले पिछले महीने में यूपीआई के जरिए 600 करोड़ बार लेन-देन किया गया है। 2016 में इसकी शुरुआत होने के बाद से ऐसा पहली बार है। पीएम मोदी ने एक ट्वीट में कहा था कि-यह एक असाधारण उपलब्धि है। यह भारतीय के इस संयुक्त संकल्प को दिखाता है कि नई तकनीकों को अपनाना है और एक स्वच्छ अर्थव्यवस्था तैयार करनी है। कोविड-19 महामारी के दौरान डिजिटल भुगतान विशेषकर बहुत मदद में आए।



