कार्यकाल पूर्ण होने पर अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष डॉ. आरके जैन को विदाई, बोले- अल्पसंख्यक समुदाय की सेवा मेरा सौभाग्य
उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष डॉ. आरके जैन का कार्यकाल पूर्ण होने पर उन्हें अधिकारियों और कर्मचारियों ने भावभीनी विदाई दी। इस दौरान आयोग अध्यक्ष ने आयोग के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार प्रकट किया। साथ ही कहा कि ये उनका सौभाग्य रहा कि उन्हें अल्पसंख्यक समुदाय की सेवा का मौका मिला। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
शनिवार को अल्पसंख्यक कल्याण भवन स्थित अल्पसंख्यक आयोग कार्यालय में विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 24 दिसम्बर 2018 को डॉ. आरके जैन को सरकार ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पद पर नामित किया गया था। अपने कार्यकाल पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. आरके जैन ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य था कि सरकार ने अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी देकर मुझे अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के बीच कार्य करने का अवसर प्रदान किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में मेरा पहला लक्ष्य अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता लाकर उन्हें सरकार की ओर से चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करना था। इसके लिए मैंने प्रदेश के सभी जनपद एवं दूरस्थ इलाकों में जन जानकारी कार्यक्रम का आयोजन कर विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनी। साथ ही उनके निराकरण के निर्देश दिये। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इसके अलावा अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में विकास के लिए धनराशि आवंटन की दिशा में प्रखर पत्राचार आयोग के माध्यम से किया गया। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के सर्वांगीण विकास की दिशा में कार्य करते हुए उन्हें आयोग के सम्मानित उपाध्यक्ष गणों, सदस्यगणों, सम्मानित अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों सहित शासन -प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही सरकार का भरपूर सहयोग मिला। उन्होंने इस सफलतम कार्यकाल के लिए सभी का आभार प्रकट किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर आयोग के उपाध्यक्ष मजहर नईम नवाब, सदस्य गुलाम मुस्तफा, सीमा जावेद, परमिंदर सिंह, वरीश अहमद, निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण राजेन्द्र कुमार, सचिव अल्पसंख्यक आयोग जेएस रावत, नवीन परमार, शमा प्रवीण, दीपा बर्तवाल, प्रकाश सिंह दानू सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
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