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July 12, 2026

पावर कार्पोरेशन के सीएमडी से मिले उत्तराखंड की फूड इंडस्ट्री के उद्यमी, रखी ये समस्याएं

उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन के सीएमडी से उत्तराखंड के उद्यमी मिले और उनके साथ समस्याओ को लेकर विस्तार से चर्चा की। उत्तराखंड फूड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सीएमडी के समक्ष विस्तार से एक एक बिंदु रखे और समाधान की मांग की।

उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन के सीएमडी से उत्तराखंड के उद्यमी मिले और उनके साथ समस्याओ को लेकर विस्तार से चर्चा की। उत्तराखंड फूड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सीएमडी के समक्ष विस्तार से एक एक बिंदु रखे और समाधान की मांग की। उन्होंने संगठन की समस्याओं को लेकर बैठक करने पर उनका आभार भी व्यक्त किया।
उद्यमियों ने देहरादून स्थित सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में 220 केवीए के बिजली घर की स्थापना की मांग दोहराई। बताया कि सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों को पिछले 22 वर्षों से अपने बिजली घर का इंतजार है। 15 से 20 किलोमीटर लम्बी 33 केवीए की लाईनों से सेलाकुई के उद्योगों को विद्युत सप्लाई की जाती है। इस 15-20 किलोमीटर लम्बी लाईन में हमेशा ब्रेकडाउन रहते हैं। मानसून में तो 72-72 घण्टे बिजली नहीं मिलती। अन्य महीनों में जरा सा मौसम खराब होने पर ब्रेकडाउन हो जाता है।
उन्होंने बताया कि सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में 220 केवीए का बिजली घर 05 वर्ष पूर्व स्वीकृत हुआ था, लेकिन
स्थापित होना तो दूर एक ईंट भी उसमें नहीं लगी है। उन्होंने इसकी स्थापना के लिये समयबद्ध कार्य योजना के आदेश अधिकारियों को देने की मांग की। उद्योगों को सिक्योरिटी जमा करने के आदेश को दो साल तक स्थगित करने की मांग उठाते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 02 सालों से कोविड को देखते हुए उद्योगों में लिक्विडिटी की समस्या के कारण एडिशनल सिक्योरिटी के जमा करने के आदेशों को 02 साल तक स्थगित किया जाए।

उन्होंने कहा कि पावर कारपोरेशन के आनलाईन पेमेन्ट के साफ्टवेयर में अनेकों समस्याएं हैं और इनका समाधान बहुत जरूरी है। इस सम्बन्ध में आग्रह किया गया है कि इसमें एक कमेटी का गठन करें। इसमें विभाग के साफ्टवेयर इंजीनियर्स व इण्डस्ट्री एसोसिएशन के प्रतिनिधि व कोई वरिष्ठ अधिकारी इसमें रखे जायें। इसकी बैठक बुलाई जाये व बैठक में साफ्टवेयर से सम्बन्धित समस्याओं का समाधान किया जाए। इसको यूजर फ्रेंडली बनाना अति आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से Voluntary Amalgation को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। इन संबंध में अधिकारियों को यह निर्देश दिये जायें कि पावर कारपोरेशन की पालिसी के अनुसार Voluntary Amalgation को स्वीकार किया जाये। प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के संयोजक अनिल मारवाह और सहसंयोजक पवन अग्रवाल आदि शामिल थे।