सपा प्रमुख अखिलेश यादव की शिकायत का असर, चुनाव आयोग ने लगाई एग्जिट पोल पर रोक, उल्लंघन पर 2 साल कैद
उत्तर प्रदेश 2022 विधानसभा चुनाव को लेकर जहां एक तरह सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे है तो वहीं सकुशल चुनाव सम्पन्न कराने के लिए चुनाव आयोग ने भी अपनी कमर कस ली है। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एग्जिट पोल पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से इस पर रोक लगाने की मांग की थी। इस पर चुनाव आयोग भी किसी भी तरह के एग्जिट पोल को लेकर बेहद गंभीर हो गया है। उसने इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही इसका उल्लंघन करने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है।निर्वाचन आयोग ने एक पत्र जारी किया है, जिसमें यूपी 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंट मीडिया के किसी तरह के एग्जिट पोल के दिखाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। चुनाव आयोग ने यूपी में 10 फरवरी सुबह 7 बजे से 7 मार्च शाम 6:30 तक एग्जिट पोल (Exit Polls) कराने, प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इसके नतीजों के प्रकाशन या प्रचार पर रोक लगा दी है। इसका उल्लंघन करने वाले को दो साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा। यानी कि पहले चरण की सुबह से अंतिम चरण की वोटिंग समाप्त होने तक एग्जिट पोल के दिखाए जाने पर प्रतिबंध लगा रहेगा। वहीं, इसका उल्लंघन करने वाले को 2 साल की जेल या जुर्माने से या दोनों से दंडित हो सकती है।
समाजवादी पार्टी ने विभिन्न समाचार चैनल पर दिखाए जा रहे ओपिनियन पोल के प्रसारण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की थी। साथ ही इस सिलसिले में निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा था। सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर विभिन्न समाचार चैनल द्वारा दिखाए जा रहे ओपिनियन पोल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की थी।
ये है चुनाव कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (का ऐलान चुनाव आयोग ने 8 जनवरी को किया। 403 सीटों वाली 18वीं विधानसभा के लिए 10 फरवरी से 7 मार्च तक सात चरणों में वोट पड़ेंगे। 10 मार्च को चुनाव के नतीजे (आएंगे। यूपी में सात चरणों के तहत 10 फरवरी, 14 फरवरी, 20 फरवरी, 23 फरवरी, 27 फरवरी, 3 मार्च और 7 मार्च को मतदान होगा।
10 फरवरी को पहले चरण में पश्चिम यूपी के 11 जिलों की 58 सीटों पर, दूसरा चरण 14 फरवरी को 9 जिलों की 55 सीटों पर, 20 फरवरी को तीसरे चरण में 16 जिलों की 59 सीटों पर मतदान होगा। चौथे चरण में मतदान 23 फरवरी को लखनऊ सहित 9 जिलों की 60 सीटों पर होगा। पांचवे चरण में 27 फरवरी को 11 जिलों की 60 सीटों पर, छठे चरण में 3 मार्च को 10 जिलों की 57 सीटों पर और सातवें और अंतिम चरण का मतदान 7 मार्च को 9 जिलों की 54 सीटों पर किया जाएगा। 17वीं विधानसभा का कार्यकाल 15 मई तक है।



