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July 18, 2026

स्वास्थ्य महकमे की मनमानी का शिकार हुए दंत रोग विशेषज्ञ, परेशान होकर ली स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति

उत्तराखंड स्वास्थ्य निदेशालय नैनीताल में संयुक्त निदेशक (दंत) के पद पर तैनात डॉ. सुनील अग्रवाल (MDS) ने स्वास्थ्य विभागीय मनमानी के चलते 31 मार्च को स्वैच्छिक सेवानिवृ्त्ति ले ली है। ज्ञातव्य है कि डॉ. सुनील अग्रवाल (MDS) स्वास्थ्य विभाग में एकमात्र क्राउन, ब्रिज, इम्प्लान्ट स्पेशलिस्ट थे। वह चिकित्सा क्लिनिकल कार्य करना चाह रहे थे। इसके लिए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सुझाव भी दिए थे, लेकिन जब उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्हें सेवानिवृत्ति के लिए मजबूर होना पड़ा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बताया जा रहा है कि डॉ. सुनील अग्रवाल की ओर से दंत रोग के लिए चिकित्सा क्लिनिकल कार्य करने की इच्छा व्यक्त की गई थी। ताकि देवभूमि उत्तराखंड की जनता को उनके योग्यता और स्पेशलिस्टाजेशन का लाभ मिल सके। इसके बावजूद सरकार ने उनके सुझावों को दरकिनार कर उन्हें जिला अस्पताल कोरोनेशन देहरादून से निदेशालय स्वास्थ्य नैनीताल में तैनात कर दिया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

उन्हें उनके स्पेशलाइजेशन के उपयोग के लिए आवश्यक उपकरण भी नहीं दिए गए। ना ही उनके सुझाव पर विचार किया गया। परिणाम स्वरूप डॉ. सुनील अग्रवाल ने क्षुब्ध होकर दिसंबर माह में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखा था। अब 31 मार्च को उन्हें सेवानिवृत्त कर दिया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

जहां एक ओर तो सरकार स्पेशलिस्ट की कमी से जूझ रही है और स्वास्थ्य विभाग में रिक्तियों की भी पूर्ति नहीं कर पा रही है। वहीं, दूसरी ओर इस तरह से स्पेशलिस्टों की अनदेखी कर उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए विवश किया जा रहा है। इससे सरकार और जनता को काफी नुकसान हो रहा है। साथ ही सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खोखले दावे को पोल खुल रही है।