उत्तराखंड में पुलिसकर्मियों के ग्रेड वेतन को लेकर 16 अगस्त को हो सकता है फैसला
उत्तराखंड में पुलिस कर्मियों के ग्रेड वेतन को लेकर 16 अगस्त को फैसला हो सकता है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में गठित समिति ने इस मसले पर सोमवार दोपहर को बैठक बुलाई है। इसी दिन शाम को कैबिनेट की बैठक है। माना जा रहा है यह समिति की संस्तुति को कैबिनेट बैठक में रखा जा सकता है।
प्रदेश में पुलिस कर्मी इस समय मोडिफाइड एश्योर्ड कैरियर प्रोग्रेशन स्कीम (एमएसीपी) को लेकर आक्रोशित चल रहे हैं। पुलिस महकमे में पहले 10 वर्ष, 16 वर्ष और 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति का प्रविधान था। पदोन्नति न होने की सूरत में इस नियत समय की सेवा पूरी करने पर उन्हें पदोन्नति पद का ग्रेड ग्रेड वेतन दिया जाता था। सातवां वेतनमान लागू करने के बाद राज्य सरकार ने एसीपी के स्थान पर एमएसीपी लागू किया है। इसमें 10 वर्ष, 20 वर्ष और 30 वर्ष में पदोन्नति देने का प्रविधान किया गया है।
पदोन्नति न होने की सूरत में पदोन्नति पद का नहीं, बल्कि ग्रेड वेतन के अगले स्लैब का ग्रेड वेतन मिलेगा। इसी का पुलिस कर्मी पुरजोर विरोध कर रहे हैं। दरअसल, पुलिस के जवानों का पहला ग्रेड वेतन 2400 का है। पदोन्नति न होने की सूरत में उन्हें अगला ग्रेड वेतन 2800 रुपये का मिलेगा, जो पहले 4600 रुपये मिल रहा था। इस व्यवस्था के खिलाफ पुलिस कर्मियों के परिजन एक दिवसीय धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
पुलिस कर्मियों के इस आक्रोश को देखते हुए शासन ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया हुआ है। यह समिति 13 और 27 जुलाई को इस मसले पर बैठक कर चुकी है। अब इसकी तीसरी बैठक 16 अगस्त को होगी। इसी दिन शाम को कैबिनेट की बैठक भी प्रस्तावित है। ऐसे में माना जा रहा है कि समिति पुलिस कर्मियों के ग्रेड पे के संबंध में अपनी संस्तुति कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत कर सकती है।
बीती 27 जुलाई को कैबिनेट द्वारा गठित उप समिति की बैठक हुई थी, जिसमें पुलिस मुख्यालय द्वारा गठित समिति का प्रत्यावेदन रखा गया। सूत्रों की मानें तो पुलिस मुख्यालय की समिति ने भी पुरानी व्यवस्था के आधार पर ही ग्रेड वेतन दिए जाने की संस्तुति की है। बैठक में कैबिनेट उप समिति के सदस्य डा धन सिंह रावत, अपर मुख्य सचिव गृह आनंद वद्र्धन, सचिव वित्त अमित नेगी, सचिव कार्मिक अरविंद सिंह ह्यांकी और डीजीपी अशोक कुमार मौजूद थे।
पुलिस कर्मियों की ग्रेड पे का मसला अभी आसानी से सुलझता नजर नहीं आ रहा है। दरअसल, सरकार ने यह व्यवस्था पूरी सरकारी सेवा के लिए की है। इसका असर केवल पुलिस ही नहीं अन्य सरकारी सेवाओं पर भी पड़ना तय है। इसे देखते हुए ही कैबिनेट ने पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। इस समिति को अपनी रिपोर्ट सरकार को देनी है। माना जा रहा है कि इस समिति की रिपोर्ट के बाद ही सरकार आगे के लिए कोई निर्णय लेगी।



