चीन में कोरोना का कोहराम, वीडियो में देखें-कोरोनारोधी छाता लेकर खरीददारी पर निकला कपल, भारत ने कल मॉक ड्रिल
चीन में कोरोना ने कोहराम मचा दिया है। चीन में अबतक 32 करोड़ से भी ज्यादा कोरोना के मरीज सामने आ चुके हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार चीन में रोजाना के 2 करोड़ केस आ रहे हैं। चीन में कोरोना विस्फोट को देखते हुए दक्षिण कोरिया, ब्राजील और जापान में अलर्ट जारी किया गया है। चीन में कोरोना की वजह से हालात बिगड़ते चले जा रहे हैं। इन बिगड़ते हालात पर भारत समेत दुनिया भर के देश बेहद चिंतित हैं। यूं तो चीन कोरोना को लेकर लगातार दुनिया से अपनी नाकामी छिपा रहा है, लेकिन वहां बढ़ते मामले ही उसकी पोल खोल रहे हैं। वहां प्रतिबंधों में ढील के बाद संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)दुनिया भी मान रही है कि चीन में कोहराम मचा हुआ है। चीन में रोजाना लाखों कोरोना केस सामने आ रहे हैं। इसी बीच चीन से एक वीडियो सामने आ रहा है, जो कि वहां के हालातों को बयां कर रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। वीडियो में एक कपल सड़क पर कुछ सामान खरीदते नजर आ रहा है। इस दौरान उन्होंने एक ऐसा छाता लगाया हुआ था, जिसे देखकर आसपास के लोग भी भौचक्के रह गए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस वीडियो को पीपल्स डेली चाइना के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से पोस्ट किया गया है। वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा गया है कि इस कपल में सेल्फ प्रोटेक्शन को अलग लेवल पर पहुंचा दिया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक कपल बाजार में कुछ सामान की खरीददारी करने निकला है। इस दौरान उन्होंने एक बेहद अजीबोगरीब छाता पकड़ा हुआ था, जो उन्हें चारों ओर से प्रोटेक्ट कर रहा था। वीडियो में देखा जा सकता है कि, यह छाता चारों तरफ एक पॉलीथिन की दीवार बनाए हुए था, जिसके बीच में कपल चल रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
A Chinese couple takes self-protection to another level… pic.twitter.com/ovPlIaAeZg
— People’s Daily, China (@PDChina) December 22, 2022
भारत सरकार अलर्ट, राज्यों से तैयार रहने को कहा
चीन में कोविड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसको लेकर भारत सरकार भी अलर्ट है। केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि अगर देश में कोरोना के मामले फिर से बढ़ते हैं, तो ऐसे में खुद को पूरी तरह से तैयार रहने को लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं पर मॉक ड्रिल आयोजित करे। मंगलवार को आयोजित होने वाले मॉक ड्रिल में बेड की उपलब्धता, मानव संसाधन, रसद और मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति पर खास फोकस रहेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कोरोना को लेकर मुख्य बिंदु
पिछली बार खासकर कोविड की दूसरी लहर के दौरान संक्रमित मामले तेजी से बढ़ने पर स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को अपने घुटनों पर ला दिया था। मेडिकल ऑक्सीजन की कमी के कारण सांस लेने के लिए संघर्ष कर रहे रोगियों और अस्पताल में बिस्तर खोजने के लिए दर-दर भटक रहे मरीजों के दिल दहला देने वाले वीडियो सामने आए थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि यह आवश्यक है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आवश्यक स्वास्थ्य उपाय किए जाएं। मंत्रालय ने कहा कि इसलिए मंगलवार, 27 दिसंबर 2022 को देश भर में सभी स्वास्थ्य सुविधाओं (चिह्नित COVID-समर्पित स्वास्थ्य सुविधाओं सहित) में मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
स्वास्थ्य सचिव ने मॉक ड्रिल के लिए प्रमुख फोकस क्षेत्रों को सूचीबद्ध किया. क्वारंटीन और लाइफ सपोर्ट दोनों के लिए बिस्तरों की उपलब्धता सूची में सबसे ऊपर है। पत्र में कहा गया है कि स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता जैसे बिस्तर की क्षमता, आइसोलेशन बेड, ऑक्सीजन-समर्थित आइसोलेशन बेड, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर-समर्थित बेड बेहद जरूरी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मॉक ड्रिल में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिक्स सहित कोविड मामलों में किसी भी स्पाइक से निपटने के लिए आवश्यक मानव संसाधन पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। ड्रिल के दौरान पर्याप्त संख्या में आयुष चिकित्सकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं जैसे अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं का भी आंकलन किया जाएगा। अभ्यास यह भी जांच की जाएगी कि क्या इन स्वास्थ्य कर्मियों को कोविड रोगियों और मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति को संभालने के लिए ठीक से प्रशिक्षित किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मॉक ड्रिल का उद्देश्य आरटी-पीसीआर और रैपिड एंटीजन किट की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करके कोविड परीक्षण क्षमताओं को बढ़ावा देना भी होगा। मेडिकल ऑक्सीजन, जिसके संकट ने कोविड की पिछली लहरों के दौरान लाखों लोगों को हांफते हुए छोड़ दिया था, इस मॉक ड्रिल का एक प्रमुख फोकस क्षेत्र है। केंद्र पहले ही घोषणा कर चुका है कि चीन समेत पांच देशों से आने वाले यात्रियों के लिए अब आरटी-पीसीआर जांच अनिवार्य है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा है कि केंद्र और राज्यों को मिलकर और सहयोग की भावना में काम करने की जरूरत है, जैसा कि उन्होंने पिछली स्पाइक्स के दौरान किया था।



