पांच जजों की संविधान पीठ तय करेगी असली शिव सेना कौन, चुनाव आयोग की कार्यवाही पर दो दिन की रोक
महाराष्ट्र में शिवसेना को लेकर उद्धव गुट और शिंदे गुट के दावों से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने इसे पांच जजों की संविधान पीठ के समक्ष भेज दिया है। कोर्ट ने कहा कि डिप्टी स्पीकर के खिलाफ हटाने का नोटिस लंबित होने के दौरान क्या वो विधायकों की अयोग्यता का नोटिस जारी कर सकते हैं। इस पर सुनवाई की जरूरत है। इसलिए इस मुद्दे पर संविधान पीठ को सुनवाई करने की जरूरत है। साथ ही इस मसले पर चुनाव आयोग की कार्यवाही पर दो दिन के लिए रोक लगा दी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)महाराष्ट्र की सियायत में एकनाथ शिंदे ने सीएम की कुर्सी पाकर खुद को राजनीति का कुशल खिलाड़ी साबित कर दिया, लेकिन अब उनके और शिवसेना का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। जहां इस मामले की सुनवाई हो रही है। सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने अब सेना बनाम शिवसेना केस संविधान पीठ को भेज दिया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सुनवाई से पहले महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि कोर्ट में जो होगा वो देखा जाएगा। न्यायपालिका पर मुझे पूरा भरोसा है। दरअसल सरकार बनाने के बाद एकनाथ शिंदे ने शिवसेना पर अपना दावा ठोका। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की है कि उनके खेमे को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी जाए। साथ ही पार्टी का चुनाव चिह्न तीर व धनुष आवंटित किया जाए। इसके खिलाफ उद्धव गुट ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। अब इसी मसले को लेकर दोनों पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। वहीं विधायकों की आयोग्यता के मसले पर भी फैसला होना है।

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



