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July 14, 2026

उत्तराखंड में छठी और आठवीं की कक्षाएं होंगी आनलाइन, खुलेंगे नवीं और 11वीं के लिए स्कूल

उत्तराखंड में छठी से आठवीं तक की कक्षाएं आनलाइन ही चलेंगी। नवीं और 11 वीं के छात्रों को स्कूल आने की अनुमति मिलेगी। इस संबंध में फैसला कैबिनेट की बैठक में होगा।

उत्तराखंड में छठी से आठवीं तक की कक्षाएं आनलाइन ही चलेंगी। नवीं और 11 वीं के छात्रों को स्कूल आने की अनुमति मिलेगी। इस संबंध में फैसला कैबिनेट की बैठक में होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में रखने के लिए सहमति दे दी है।
लॉकडाउन के दौरान ही उत्तराखंड की सभी शिक्षण संस्थाएं बंद हो गई थी। इसके बाद दो नवंबर से बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए दसवीं और 12 वीं के छात्रों के लिए स्कूल खोल दिए गए थे। इसके लिए भी कोविड-19 के तहत शर्तें रखी गई। इनमें सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, सैनिटाइजर के साथ ही छात्रों को स्कूल आने के लिए अभिभावकों का सहमति पत्र भी लाना जरूरी किया गया। साथ ही जो छात्र स्कूल आना नहीं चाहते, उन्हें आनलाइन पढ़ाई का विकल्प दिया गया।
इसके बावजूद स्कूलों में आने वाले छात्रों की संख्या काफी कम है। अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से परहेज कर रहे हैं। अब प्रदेश सरकार नवीं और 11 वीं के छात्रों के लिए स्कूल खोलने पर विचार कर रही है। इस संबंध में हाल ही में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने विभागीय समीक्षा बैठक में जल्द प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया था कि नवीं व 11वीं की कक्षाएं तत्काल प्रभाव से खोलने के संबंध में विभाग से प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। इसके बाद कक्षा छह से आठवीं तक पढ़ाई प्रारंभ की जाएगी। विभागीय अधिकारियों से व्यापक परीक्षण के बाद प्रस्ताव मांगा गया है।
सूत्रों के मुताबिक अब नवीं और 11 वीं की कक्षाओं को ही शुरू किया जा सकता है। इस संबंध में कैबिनेट की बैठक में फैसला होगा। छठी और आठवीं कक्षा को लेकर माना जा रहा है कि ज्यादा बच्चों के स्कूल आने के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना मुश्किल हो जाएगा। नवीं और 11 वीं के छात्रों को अगले साल बोर्ड की परीक्षाओं में बैठना पड़ेगा। इसी के दृष्टिगत कैबिनेट में इस संबंध में फैसला हो सकता है।
वहीं, यदि अब सर्दियों में स्कूल खुलते हैं तो अभिभावकों को भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। क्योंकि सर्दी के एक से डेढ़ माह ही रह गए हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के लिए सर्दी की ड्रेस खरीदनी पड़ेगी।