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April 23, 2026

पुलिस मंथन में बोले मुख्य सचिव-भविष्य में अपराधों पर तकनीक के माध्यम से लग सकती है रोक

देहरादून में शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित उत्तराखंड पुलिस मंथन-समाधान एवं चुनौतियां, पुलिस सप्ताह के द्वितीय दिवस के तीसरे सत्र में उत्तराखंड के मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने द्वारा प्रतिभाग किया गया। उन्होने पुलिस के कार्यों की प्रशंसा की। साथ ही कहा कि तकनीकी के माध्यम से अपराधों पर रोक लग सकती है। उन्होंने कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए कई निर्देश भी दिए। इससे पहले पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर मुख्य सचिव का पुलिस गार्द की ओर से सलामी देकर अभिवादन किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस अवसर पर मुख्य सचिव एसएस संधू ने कहा कि पर्यटन आधारित राज्य के लिए पुलिस बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पुलिस से इस दिशा में लगातार टीम वर्क के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि शासन में लंबित पुलिस से संबंधित सभी प्रस्तावों को समय से पूर्ण कर लिया जाएगा। उत्तराखंड पुलिस के द्वारा पिछले 01 वर्ष में किये गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में अपराधों को तकनीक के माध्यम से रोका जा सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय के लिए समस्त पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही थाना परिसर में सीज, लावारिस, निस्तारित हो चुके मुकदमों से संबंधित वाहनों विधिक प्रावधानों से नियमानुसार निलामी तथा सुपुर्दगी की कार्यवाही हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान पुनः चलाने के निर्देश दिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इससे पूर्व पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्य सचिव उत्तराखंड एसएस संधू को अवगत कराया कि उत्तराखंड पुलिस की ओर से आईआईटी और आईटीडीए के साथ मिलकर साइबर सुरक्षा में क्षमता निर्माण एवं ज्ञान विनिमय के लिए एमओयू भी किया गया है। इसी क्रम में हैकाथन का दूसरा संस्करण भी आयोजित किया जा चुका है। उन्होंने प्रांतीय सेवा के कैडर का पुनः निर्धारण एवं वाहनों के नियतन को फिक्स करने, एवं पुलिस के भवन निर्माण के वार्षिक बजट को बढ़ाने का अनुरोध किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

सम्मेलन के पूर्वाहन सत्र में समस्त फील्ड अधिकारियों ने अपना प्रस्तुतिकरण दिया। प्रस्तुतिकरण में किये जा रहे कार्यों उनमें आ रही चुनौतियां भविष्य की कार्ययोजना शासन एवं पुलिस मुख्यालय से आवश्यकता के सम्बन्ध में अपने विचार रखे। जिस पर विचार-विमर्श एवं मंथन हुआ। अधिकारियों द्वारा दिए गए प्रस्तुतीकरण पर चर्चा करते हुए पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण के लिए एक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने सीमावर्ती जनपद पिथौरागढ़ में संचार के लिए विशेष ट्रायल करने हेतु निर्देशित किया। सीजीएचएस रेट पर पुलिस के जवानों को उपलब्ध हो रही सुविधा के लिए अन्य हॉस्पिटलों से भी टाईअप करने के आदेश दिए। उनके द्वारा नैनीताल जनपद को बेहतरीन प्रस्तुतीकरण हेतु ₹5000 का नगद इनाम की घोषणा की गयी। उन्होंने कहा की प्रदेश भर में नशा छोड़ने वाले व्यक्तियों को ड्रग वॉरियर घोषित कर उनसे नशा पीड़ितों की ऑनलाइन काउंसलिंग भी कराएं। उन्होंने नशा पीड़ित एवं ड्रग पेडलर की ऑनलाइन प्रोफाइलिंग करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने समस्त जनपद प्रभारियों को माह में एक बार सोशल मीडिया लाइव के माध्यम से जनता से संवाद करने के निर्देश दिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उधमसिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकमंजूनाथ टीसी ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि ई-रिक्शा में अपडेट करने के बाद सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। अल्मोड़ा के पुलिस अधीक्षक प्रदीप राय ने बताया कि ‘आमा की अलमारी’ नाम से नई योजना प्रारंभ की गई है, जिसमें जरूरतमंद व्यक्ति अपनी सुविधा के अनुसार गर्म कपड़े प्राप्त कर सकता है। पिथौरागढ़ के एसपी लोकेश्वर सिंह ने कहा कि पिथौरागढ़ में संचार हेतु 03 संचार रिपीटर स्टेशन की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा चारधाम के तर्ज पर मानस खंड कॉरिडोर हेतु भी बजट की मांग की गई। नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट ने कहा कि नैनीताल पुलिस द्वारा जवानों के रहने की आवासीय व्यवस्था को सीएसआर की मदद से सुधारा गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

पुलिस महानिरीक्षक पी/एम विम्मी सचदेवा ने समस्त जिलों के पुलिस अधिकारियों को कहा कि परिसरों के नए निर्माण पर्वतीय शैली में ही बनाएं जाएं। उन्होंने बताया कि थाना परिसर व अन्य पुलिस परिसरों की जियो फेंसिंग कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने निर्माण कार्यों के क्रम में कार्यदाई संस्थाओं के साथ एमओयू 01 माह में पूर्ण करने एवं हैंड ओवर की कार्रवाई तेजी से पूरी करने पर भी बल दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था वी मुरुगेशन ने मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियानों में गिरफ्तारी का प्रतिशत बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने समस्त जनपदों को क्रिमिनल इंटेलिजेंस पर विशेष कार्य करने हेतु निर्देशित किया, ताकि अपराध को घटित होने से पूर्व ही रोका जा सके। पुलिस उप महानिरीक्षक पीएम सेंथिल अबुदेई कृष्ण राज एस द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से पुलिस अधुनिकीकरण के लिए क्रय किये जा रहे उपकरणों के सम्बन्ध में विस्तार पूर्वक बताया गया। साथ ही सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट के अपडेटेड वर्जन के बारे में भी अवगत कराया गया। आधुनिकीकरण के लिए उपयोग में लाए जा रहे उपकरणों के अनुरक्षण हेतु रेगुलर बजट के प्रावधान करने की मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कार्यक्रम के अंत में अपर पुलिस महानिदेशक पीएसी पीवीके प्रसाद ने मुख्य सचिव, उत्तराखंड एसएस संधू का धन्यवाद किया। इस अवसर पर उत्तराखण्ड शासन से अपर मुख्य सचिव गृह राधा रतूड़ी, सचिव वित्त, दिलीप जावलकर, अपर सचिव मुख्यमंत्री ललित मोहन रयाल, अपर सचिव गृह अतर सिंह, पुलिस विभाग से अपर पुलिस महानिदेशक पुलिस दूरसंचार अमित कुमार सिन्हा, अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था डॉ वी मुरुगेशन, पुलिस महानिरीक्षक, अभिसूचना एवं सुरक्षा एपी अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक एससीआरबी एवं महा समादेष्टा होमगार्ड व सिविल डिफेन्स केवल खुराना, पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी विमला गुंज्याल, पुलिस महानिरीक्षक, एसडीआरएफ रिधिम अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक फायर नीरू गर्ग सहित सहित समस्त फील्ड अधिकारी (जनपद प्रभारी, सेनानायक, शाखा एवं इकाई प्रभारी) परिक्षेत्र प्रभारी, प्रधानाचार्य एटीसी/पीटीसी, एसटीएफ, जीआरपी, सीआईडी, अभिसूचना एवं पुलिस मुख्यालय के समस्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मिलित हुए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

प्रथम सत्र में महिला सुरक्षा पर चर्चा
द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में अपर मुख्य सचिव गृहराधा रतूड़ी जी ने शिरकत की। इस मौके पर पुलिस उप महानिरीक्षक प्रो एवं मार्ड अबूदई सेंथिल कृष्णा राज एस ने गौरा शक्ति के अन्तर्गत की गई कारवाई सहित अन्य विषयों पर अपर मुख्य सचिव गृह को विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि गौरा शक्ति योजना में रजिस्ट्रेशन कराने वाली लगभग 45,216 महिलाएं पुलिस सुरक्षा में स्वयं ही आ गई हैं। महिला पुलिसकर्मी उन महिलाओं से समन्वय कर उनकी शिकायत के समाधान करते हुए उन्हे सुरक्षित महसूस करायें। जनपद के पुलिस अधिकारियों को इस अभियान में रिलेशनशिप मैनेजर के रूप में काम करने वाली महिला पुलिस कर्मियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को भी नये रूप में चलाने को कहा। शैक्षणिक संस्थाओं के प्राचार्यों के साथ ही शिक्षा विभाग को भी गौरा शक्ति योजना के तहत जोड़ा जाय। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इसी क्रम में उन्होंनें कहा कि उत्तराखण्ड में गांवो, स्कूल, कॉलेजों में युवाओं के मध्य वृहद स्तर पर इस अभियान को चलाये जाने की आवश्यकता है। प्रत्येक महिला के मोबाइल पर उत्तराखंड पुलिस एप व गौरा शक्ति योजना को शामिल कराना भी हमारी प्राथमिकता में शामिल होना चाहिए ताकि वे भी अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक हो सकें और पुलिस को अपना अभिन्न सहयोगी मानें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि घरेलू हिंसा को केवल पारिवारिक मामला न समझे, अपितु इस सामाजिक समस्या के निवारण हेतु पुरुष पक्ष की भी काउंसलिंग करें। पुलिस जवानों की आवासीय सुविधा पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए उन्होंने बताया कि जवानों के बेहतर जीवन स्तर के लिए जीर्ण-शीर्ण आवासों को निष्प्रयोज्य घोषित कर नये आवासों का निर्माण शुरू कराया जायेगा। अपर मुख्य सचिव गृह के पुलिस अधिकारियों के संवाद के क्रम में उधमसिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने नशे पर नियंत्रण के लिए गठित एएनटीएफ के कार्यों को रिवाल्विंग फंड का सुझाव दिया। वहीं पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ लोकेश्वर सिंह द्वारा घरेलू हिंसा में पीड़ित की मदद हेतु सेन्ट्रलाईज हेल्पलाईन सिस्टम बनाने का सुझाव दिया। गोष्ठी में देवेन्द्र पिंचा, पुलिस अधीक्षक चम्पावत ने लॉ आफिसर एवं साईबर एक्सपर्ट की नियुक्ति की बात रखी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड अशोक कुमार ने पुलिस अधिकारियों द्वारा दिये गये विभिन्न उपयोगी सुझावों पर चर्चा के दौरान बताया कि अपर मुख्य सचिव गृह के निर्देशानुसार एएनटीएफ के लिए रिवाल्विंग फंड तथा प्रत्येक जनपद में लॉ आफिसर एवं तकनीकी सहायता हेतु साईबर एक्सपर्ट की संविदा पर नियुक्ति हेतु शासन को प्रस्ताव भेजा जायेगा। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि समस्त जनपदों को गौरा शक्ति अभियान के अन्तर्गत महिला हेल्प डेस्क हेतु स्थाई मोबाइल नम्बर प्रदान किये जायेंगें।

 

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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