उत्तराखंड में और भी कई परीक्षाओं में नकल का दाग, नकल माफियाओं से पूछताछ में हो रहे कई खुलासे
उत्तराखंड में पहली बार सीएम की शपथ लेने के दौरान जुलाई 2021 में उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दावा किया था कि आगामी छह माह के भीतर सरकारी विभागों में 22 हजार रिक्त पदों पर भर्ती पूरी कर ली जाएगी। ये दावा आज तक पूरा नहीं हो पा रहा है। कारण ये है कि पहले उत्तराखंड अधिनस्थ चयन सेवा आयोग की भर्तियों में पेपर लीक और नकल का घोटाला सामने आया और कई परीक्षाएं निरस्त कर दी गई थीं। साथ ही कई परीक्षाओं को कराने की जिम्मेदारी उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को दी गई। अब उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से आठ जनवरी को आयोजित की गई पटवारी परीक्षा में पेपर लीक का भंडाफोड़ हो चुका है। 12 जनवरी को पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब इस परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है। अब दोबारा से ये परीक्षा 12 फरवरी को होगी। वहीं, 12 फरवरी को आयोजित होने वाली सहायक लेखाकार परीक्षा की तिथि भी बदल दी गई है। अब ये परीक्षा 19 फरवरी, 2023 को आयोजित की जायेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)कहानी नहीं होती खत्म, अन्य कई परीक्षाओं में भी घोटाला
पटवारी परीक्षा घोटाले में मुख्य आरोपी अनुभाग अधिकारी संजीव प्रकाश चतुर्वेदी सहित, उनकी पत्नी और तीन अन्य को उत्तराखंड एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। चतुर्वेदी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी अभिरक्षा में रखे गये लगभग 380 प्रश्नों को अवैध रूप से अन्य आरोपियों को उपलब्ध कराया गया है। कहानी यहीं खत्म नहीं होती है। गिरफ्तार आरोपी संजीव चतुर्वेदी से एसटीएफ गहनता से पूछताछ कर रही है। साथ ही कई जांच भी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच में पता चला है कि संजीव चतुर्वेदी उत्तराखंड लोकसेवा आयोग में रहकर वर्ष 2018 से भर्तियों में खेल करता आ रहा है। एसटीएफ की जांच में लेखपाल-पटवारी भर्ती के अलावा तीन अन्य भर्तियों के पेपर लीक कर बेचने की पुष्टि हो चुकी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इन परीक्षाओं में ली गई मोटी रकम
जांच में सामने आया कि जेई, एई और प्रवक्ता भर्तियों में भी पेपर लीक का खेल खेला गया है। इनके पेपर के लिए संजीव ने 30 से 50 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी लिए हैं। उसने सिर्फ आठ जनवरी का ही पेपर लीक नहीं कराया था, बल्कि यह काम तो वह बीते चार साल से करता आ रहा है। उसने तीन भर्तियों के नाम लिए। इनमें अवर अभियंता (जेई), सहायक अभियंता (एई) और प्रवक्ता भर्ती शामिल है। ये भर्तियां आयोग ने वर्ष 2021 में निकाली थीं। इनके रिजल्ट आ चुके हैं। एसटीएफ अब इन अभ्यर्थियों तक भी पहुंचने का प्रयास कर रही है। बताया जा रहा है कि इन भर्तियों में शामिल हुए नकलची अभ्यर्थियों के रिजल्ट भी रद्द करा दिए जाएंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इतने अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराए गए पेपर
एसटीएफ ने अब तक अभ्यर्थियों की संख्या की भी तस्दीक कर ली है। जेई भर्ती में तीन अभ्यर्थियों ने पेपर खरीदकर परीक्षा दी थी। एई के लिए पांच अभ्यर्थियों ने पेपर खरीदा था। प्रवक्ता पद के लिए अब तक एसटीएफ तीन अभ्यर्थियों के नामों की पुष्टि कर चुकी है। बताया जा रहा है कि इनकी संख्या और भी हो सकती है। यदि संख्या ज्यादा हुई तो एसटीएफ इन परीक्षाओं को रद्द करने के लिए भी पत्र भेज सकती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कुछ और परीक्षाओं पर दाग की आशंका
अभी तक केवल 2021 में तीन भर्तियों पर दाग का पता चला है। सूत्रों के अनुसार, अभी आरोपियों से पूछताछ चल रही है। ऐसे में हो सकता है कि कुछ और परीक्षाओं पर भी इसी तरह से दाग हों। ऐसे में 2018 से अब तक की सभी परीक्षाओं की जांच भी की जा रही है। एसटीएफ इसके लिए आयोग के अधिकारियों से संपर्क कर सभी का विवरण जुटा रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
परीक्षा के लीक हुए कुछ प्रश्न
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से जानकारी दी गई है कि उत्तराखंड पुलिस विभाग की ओर से उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग को दिनांक 08 जनवरी, 2023 को आयोग की ओर से आयोजित राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी / लेखपाल) परीक्षा- 2022 के प्रश्न-पत्र के कुछ प्रश्न लीक होने की सूचना प्रदान की गयी है। एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से वार्ता ने दौरान अवगत कराया गया है कि आरोपी अनुभाग अधिकारी संजीव प्रकाश चतुर्वेदी ने अपनी अभिरक्षा में रखे गये लगभग 380 प्रश्नों को अवैध रूप से अन्य आरोपियों को उपलब्ध कराया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अनुभाग अधिकारी निलंबित
प्रश्नगत परीक्षा के प्रश्न पत्र में 100 प्रश्न सम्मिलित थे, जिनमें से कुछ प्रश्न आरोपियों को उपलब्ध कराये गये प्रश्नों में सम्मिलित थे। इससे यह विदित होता है कि सम्पूर्ण प्रश्न-पत्र लीक नहीं हुआ है। पुलिस द्वारा प्रश्नगत प्रकरण में आरोपियों के विरूद्ध संगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की गयी है। इसी क्रम में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये आयोग के कार्मिक अनुभाग अधिकारी अतिगोपन संजीव प्रकाश चतुर्वेदी को आयोग द्वारा तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
परीक्षा की गई निरस्त
आयोग की ओर से बताया गया है कि प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए आयोग द्वारा दिनांक 08 जनवरी, 2023 को आयोजित राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी / लेखपाल) परीक्षा-2022 निरस्त कर दी गयी है। अब उक्त परीक्षा पुनः दिनांक 12 फरवरी, 2023 को आयोजित की जायेगी। इसके साथ ही दिनांक 12 फरवरी, 2023 को पूर्व निर्धारित सहायक लेखाकार / लेखा परीक्षक परीक्षा-2022 अब दिनांक 19 फरवरी, 2023 को आयोजित की जायेगी। उक्त के अतिरिक्त अन्य समस्त परीक्षायें एवं साक्षात्कार आयोग द्वारा पूर्व में जारी परीक्षा कैलेण्डर के अनुसार आयोजित की जायेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इन्हें किया गया गिरफ्तार
1.संजीव चतुर्वेदी, अनुभाग अधिकारी, अतिगोपन अनुभाग-3, राज्य लोक सेवा आयोग उत्तराखंड जनपद हरिद्वार।
2.राजपाल पुत्र स्व. फूल सिंह निवासी ग्राम कुलचन्दपुर उर्फ नथौडी थाना गागलहेडी, जनपद सहारनपुर उ.प्र. हाल निवासी ग्राम सुकरासा अम्बूवाला थाना पथरी जनपद हरिद्वार।
3.संजीव कुमार पुत्र स्व. श्री मांगेराम निवासी ग्राम कुलचन्दपुर उर्फ नथौडी थाना गागलहेडी सहारनपुर उ.प्र. हाल निवासी फ्लैट नं. जी-4.7 जर्स कन्ट्री ज्वालापुर थाना ज्वालापुर जनपद हरिद्वार।
4.रामकुंमार पुत्र सुग्गन सिंह निवासी ग्राम सेठपुर, लक्सर, जनपद हरिद्वार। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
5-रितु चतुर्वेदी पत्नी संजीय चतुर्वेदी, आवास लोक सेवा आयोग, आवासीय परिसर। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बरामदगी का विवरण
1-संजीव चतुर्वेदी-आउट प्रश्न पत्र की प्रतियां एवं प्रश्न पत्र लीक कर अवैध रूप से कमाये गये 22,50,000 रूपये।
2-राजपाल- 10 लाख नकद, अभ्यार्थियों के दस्तावेज व परीक्षा के प्रश्नो की प्रति
3-संजीव- 08 लाख, अभ्यार्थियों के दस्तावेज, चैक व परीक्षा के प्रश्नो की प्रति
4-रामकुमार- 01 लाख रूपये, परीक्षा के प्रश्नो की प्रति
(अभियोग में कुल गिरफ्तारी:- 05, कुल बरामदगी 41,50,000 रूपये) (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ये है यूकेएसएसएससी परीक्षा घोटाला
गौरतलब है कि बेरोजगार संघ के प्रतिनिधिमंडल की ओर से सीएम को शिकायत की गई थी। उन्होंने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से चार और पांच दिसंबर 2021 को आयोजित स्नातक स्तर की परीक्षा में अनियमितता के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद डीजीपी अशोक कुमार ने भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर जांच एसटीएफ को सौंपी थी। परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में सबसे पहले उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने छह युवकों को गिरफ्तार किया था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मामले में एक आरोपी से 37.10 लाख रूपये कैश बरामद हुआ। जो उसके द्वारा विभिन्न छात्रों से लिया गया था। इस मामले में अब तक कुल 43 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसमें बीजेपी नेता भी शामिल है, जिसे पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। परीक्षा भर्ती मामले में अब तक कुल 94.79 लाख कैश बरामद किया है। इसी मामले में दो दर्जन से ज्यादा बैंक अकाउंट फ्रीज लिए जा चुके हैं। जिसमे करीब तीस लाख की राशि जमा है।
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Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


