योगी नहीं ये तो भोगी हैं। साधु नहीं ये तो स्वादु हैं। जिनका काम दूसरों को नसीहत देना है, लेकिन...
साहित्य जगत
हिम की चादर ओढ़े पर्वत चांदी की चादर ओढ़े पर्वत, कुछ दिन निंद्रालय में होंगे। बसंत ऋतु की आहट पाते,...
लगता है कि इन नेताओं का विवाद से चोली दामन का साथ है। वो नेता ही क्या जो विवाद से...
नाकुलि सिगानि लतौड़ि आंखुली गिदड़ि गिदड़ि लागी छैना... नाकुली सिगानि लतौड़ि बगी छैना... जर मुड़ा घुड़ पीड़ा लागि हुनि रैगै...
अत्याधुनिक कहलाने के बावजूद अभी भी हम जातिवाद, सांप्रदायिकता के जाल से खुद को बाहर नहीं निकाल पाते हैं। छोटी-छोटी...
लोकतंत्र का आया महोत्सव, तो लो अब जनता की है बारी, होने लगे हैं मुफ्त के वादे, राजनैतिक दलों की...
प्रख्यात समाजसेवी, पर्यावरणविद और बीज बचाओ आंदोलन के संयोजक विजय जड़धारी जी की अद्यतन पुस्तक "उत्तराखंड की प्राकृतिक खाद्य प्रजातियां"...
दिन महीना... दिन महीना इन सालों दिन वार भेटी रौ-3 तुमरो लै हमरो लगै संसार बची रौ-3 दिन महीना इन......
मत करि लियो मत करि लियो, मत करि लियो जनता नेता भरोसो मत करि लियो कर लियो आपन जुगाड़ जनता...
नाकोईलाजशर्म... नाकोईदीनधर्म... पहले दिखते नेता पैदल, फिर दौड़ लगाते कारों में। हो रहे माला माल हैं नेता, माल छुपाये भकारों...
