शहरों में तो अब तो चारपाई यानि खाट देखने को भी नहीं मिलती। करीब पैंतीस साल पहले तक देहरादून में...
साहित्य जगत
पौथुलि गिंजुल्डि पौथुलि गिंजुल्डि नि औन्दि अब चौक डंढ्यालि म गप्पि शप्पि खरि खुदि छ्वीं काणि नि लगौन्दु क्वै अब...
चिड़िया मंडी में किनारा भटक कर तीन किलोमीटर दूरी पर स्थित चौराहे तक पहुंचे व्यक्ति की व्यथा को वही महसूस...
मानव प्रवृति की ऐसी है। उसे अपनी नहीं, दूसरे की थाली में ज्यादा घी नजर आता है। अब घी को...
बात उस समय की है, जब उत्तराखंड आंदोलन चरम पर था। आंदोलनकारी हर दिन आंदोलन की रणनीति बनाते और जनसैलाब...
सच के साथ खड़ा है कौन सच के साथ खड़ा है कौन, जिसको देखो वह है मौन । झूठों का...
उत्तराखंड में जाने माने चिकित्सक एवं पद्मश्री डॉ. संजय ने अपने प्रथम काव्य संग्रह 'उपहार संदेश का' की प्रथम प्रति...
बचपन से ही पढ़ाया व सिखाया जाता है कि दूसरों की मदद किया करो। मदद शब्द ही ऐसा है, जिसे...
नाम कुछ और काम कुछ। कई बार तो ऐसे लोग होते हैं जो नाम के विपरीत काम करते हैं। वहीं,...
दुर्घटना का कारण एक नहीं होता। कई बार लापरवाही से होती है, तो कई बार अनजाने में। कई बार तो...
