गोल्डन कार्ड स्वास्थ्य योजना के लिए ₹125 करोड़ का बजट प्रावधान, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का दावा- लंबे संघर्ष को मिली सफलता

उत्तराखड में गोल्डन कार्ड स्वास्थ्य योजना में अभी तक राज्य सरकार की ओर से अंशदान का बजट प्रावधान नहीं था। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड का दावा है कि संगठन लंबे समय से सरकार से कार्मिकों के अंशदान के साथ-साथ राज्य सरकार की ओर से भी बजट प्रावधान किए जाने की मांग कर रहा था। इसके परिणामस्वरूप उनकी मांग को सरकार ने मान लिया है। परिषद के निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप अनुपूरक बजट में गोल्डन कार्ड योजना के लिए ₹125 करोड़ का प्रावधान किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
परिषद के अध्यक्ष अरुण पांडे ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि यद्यपि वर्तमान बजट प्रावधान आवश्यकता की तुलना में कम है, लेकिन यह एक अच्छी शुरुआत है। आशा है कि भविष्य में सरकार बजट को आवश्यकतानुसार बढ़ाकर कार्मिकों, पेंशनरों एवं उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
2/850कअरुण पांडे ने यह भी कहा कि इस योजना को परिषद के लगातार प्रयासों के उपरांत ही लागू किया गया था और इससे प्रदेश के कार्मिकों को कैशलेस चिकित्सा का लाभ भर्ती होने पर मिलने रहा था।बीच में कुछ धनराशि की कमी व अन्य कारणों से योजना में अत्यंत परेशानी का अनुभव किया जा रहा था ।किंतु परिषद व अन्य संगठनों द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों के फल स्वरुप सरकार अपना अंश देने को राजी हो गई है जिससे योजना का सुचारू रूप से संचालन किया जा सकेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
परिषद के अध्यक्ष अरुण पांडे ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विशेष आभार व्यक्त किया। साथ ही मांग के समाधान की दिशा में सहयोग एवं आश्वासन देने के लिए स्वास्थ्य मंत्री तथा स्वास्थ्य सचिव का भी हार्दिक धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि गोल्डन कार्ड के अंतर्गत चिकित्सा बिलों के भुगतान की समस्या के समाधान की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश के सभी कर्मचारी संगठनों द्वारा लंबे समय से किए जा रहे संघर्ष और एकजुटता का सकारात्मक परिणाम सामने आया है।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।






