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July 21, 2026

भाजपा नेता रविंद्र जुगरान ने की पीसीएस मुख्य परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने की मांग, आयोग को लिखा पत्र

उत्तराखंड में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्य युवा कल्याण परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष एवं राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र जुगरान ने राज्य में पीसीएस मुख्य परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने की मांग की।

उत्तराखंड में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्य युवा कल्याण परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष एवं राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र जुगरान ने राज्य में पीसीएस मुख्य परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने की मांग की। इस संबंध में उन्होंने आज उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को पत्र प्रेषित किया। साथ ही उनसे दूरभाष पर वार्ता की। बताया गया कि आयोग के अध्यक्ष ने उनके सुझाव पर विचार करने का आश्वासन दिया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

पत्र में रविंद्र जुगरान ने कहा कि आयोग की ओर से पांच वर्ष बाद हो रही PCS 2021 की मुख्य परीक्षा का आयोजन 20 से 23 अगस्त के बीच निर्धारित किया गया है। उक्त परीक्षा के सम्बंध में उत्तराखंड के स्थानीय अभ्यर्थियों के समक्ष कुछ समस्याएं खड़ी हो गई हैं। इसका समाधान किया जाना जरूरी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

गिनाई ये समस्याएं
-आयोग की ओर से 31 दिसम्बर 2022 तक के जारी कैलेण्डर में PCS मुख्य परीक्षा का उल्लेख नही था। इससे अभ्यर्थी यह विश्वास करके तैयारी कर रहे थे कि मुख्य परीक्षा का आयोजन दिसम्बर 2022 के बाद ही होगा। अभ्यर्थी कैलेण्डर के अनुरूप अन्य परीक्षा की तैयारी पर केन्द्रित रहें।
-आयोग की ओर से अप्रैल माह में प्रारम्भिक परीक्षा से कुछ दिन पूर्व PCS मुख्य परीक्षा की तिथि 20 से 23 अगस्त घोषित कर दी गई है, जबकि कैलेण्डर के अनुरूप 28 अगस्त से लोअर PCS मुख्य परीक्षा पहले से ही निर्धारित है। दोनों परीक्षा के पाठयक्रम व पैटर्न में आमूलचूल अन्तर है।
-अपर PCS में जहां अन्य राज्यों के अभ्यर्थी भी सम्मिलित होते है वहीं लोअर PCS में स्थानीय डोमिसाईल होने के कारण केवल उत्तराखण्ड के मूल निवासी ही भागीदार होते है। अतः दोनों परीक्षा साथ होने से इसका दुष्प्रभाव केवल उत्तराखण्ड के अभ्यर्थियों पर पड़ रहा है।
-दोनों परीक्षाऐं 05 वर्ष के अन्तराल के बाद हो रही है, कठिन प्रतिस्पर्धा के दौर में बेरोजगारी के दुष्चक्र से बाहर निकलने के लिए स्थानीय अभ्यर्थियों को दोनों में से किसी एक परीक्षा पर ही अध्ययन केन्द्रित करने की विवशता उत्पन्न हो गई है।
-उक्त परिस्थितियां उत्पन्न होने से स्थानीय अभ्यर्थी मानसिक अवसाद की स्थिति में है और अपेक्षाकृत अधिक पद व स्थानीय प्रतिस्पर्धा की स्थिति उन्हें अपर PCS छोड़कर केवल लोअर PCS पर अध्ययन केन्द्रित करने को मजबूर है।
-नियत तिथि पर परीक्षा होने पर 05 वर्ष से भर्ती का इन्तजार कर रहे स्थानीय प्रतिभागी परीक्षा से पहले ही लगभग बाहर हो जाने की घोर निराशा में है। साथ ही PCS परीक्षा के परिणाम में राज्य के अभ्यर्थियों का अनुपात भी बहुत क्षीर्ण रह जाने की आशंका है।
-उपरोक्त के अतिरिक्त आयोग द्वारा गत 29 जुलाई को कुछ अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। पुनः कुछ अभ्यर्थियों को 01 अगस्त को सफल घोषित किया गया, ऐसे में नियत तिथि पर परीक्षा होने पर इन्हें केवल 19 दिन तैयारी के मिल पायेंगे। यह प्राकृतिक न्याय के विपरीत होगा।
उन्होंने कहा कि अपर PCS परीक्षा लोअर PCS परीक्षा में कम से कम 02 माह बाद आयोजित करवाने के लिए परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाना ही बेहतर है।