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July 1, 2026

जंगल में बकरी चराने गए युवक पर भालू ने किया हमला, बुरी तरह नोंच डाला चेहरा, अस्पतालों के धक्के खाता रहा जख्मी

पौड़ी जिले के रिखणीखाल ब्लॉक के टकोली गांव में एक युवक को भालू ने हमला कर घायल कर दिया। वह जंगल में बकरी चराने गया था। भालू ने युवक का चेहरा बुरी तरह नोंच दिया।

पौड़ी जिले के रिखणीखाल ब्लॉक के टकोली गांव में एक युवक को भालू ने हमला कर घायल कर दिया। वह जंगल में बकरी चराने गया था। भालू ने युवक का चेहरा बुरी तरह नोंच दिया। गंभीर रूप से घायल होने पर उसे एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया। इससे पहले घायल एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के लिए रैफर होता रहा।
बताया गया कि गत दिवस जितेंद्र सिंह (28 वर्ष) पुत्र बलवीर सिंह गांव के जंगल में बकरियां चुगा रहा था। इसी बीच घात लगाए बैठे भालू ने उस पर हमला कर दिया। इस बीच पिंकू नाम का युवक भी बकरियां लेकर जंगल पहुंचा तो देखा कि जितेंद्र बुरी तरह से जख्मी हालत में पड़ा है। उसके निकट ही एक भालू बैठा हुआ था।
इस पर पिंकू ने फोन से ग्रामीणों को सूचित किया। इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शोर मचाकर मौके से भगाया। ग्रामीण जिंतेंद्र को डोली में बैठाकर सड़क तक ले गए। जहां से रिखणीखाल हॉस्पिटल उपचार के लिए पहुंचाया गया। रिखणीखाल चिकित्सा केन्द्र में समुचित उपचार न मिलने से कोटद्वार को रैफर किया गया। जहां से उसे ऋषिकेश AIIMS रैफर कर दिया गया।
पहाड़ों में आये दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। समय पर उपचार नहीं मिलने से अधिकांश मरीज दम तोड़ देते हैं। जिंतेंद्र की स्थिति अधिक खून बहने व समय पर उपचार न मिलने की वजह से बहुत गंभीर बनी हुई हैं। गौरतलब हो रिखणीखाल चिकित्सा केन्द्र मात्र रैफर सेंटर बन गया है। उपचार के नाम पर मरीज को आश्वासन भी नही मिलता। रिखणीखाल हॉस्पिटल के चिकित्सक मामले से पल्ला झाड़ जिम्मेदार पूरी कर देते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में भालू को पकड़ने की मांग की है। साथ ही घायल को समुचित मुआवजा देने की भी पैरवी की। वहीं, उत्तराखंड कांग्रेस उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने सरकार से मांग की है कि भालू को पकड़ने की व्यवस्था की जाए। साथ ही पीड़ित को हर संभव मदद दी जाए।
प्रभुपाल रावत की रिपोर्ट।