विश्वकप के सेमीफाइनल में भारत की हार पर बीसीसीआइ का कड़ा रुख, चयन समिति को किया बर्खास्त
आस्ट्रेलिया में टी20 विश्व कप के सेमी फाइनल में भारतीय क्रिकेट टीम की हार से नाराज भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने शुक्रवार को कड़ा फैसला करते हुए चेतन शर्मा की अगुवाई वाली चार सदस्यीय राष्ट्रीय चयन समिति को बर्खास्त कर दिया। चेतन के अलावा हरविंदर सिंह, सुनील जोशी और देवाशीष मोहंती इस सिलेक्शन कमेटी में थे। इसके साथ ही बीसीसीआइ ने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के पद के लिए आवेदन आमंत्रित करने के लिए ट्विटर पर पोस्ट किया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)बीसीसीआइ ने बयान में कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) राष्ट्रीय चयनकर्ताओं (सीनियर पुरुष) के पद के लिए आवेदन आमंत्रित करता है। जो उम्मीदवार उक्त पद के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें अपने आवेदन पर विचार करने के लिए निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करना होगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
चेतन के कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम 2021 में खेले गए टी20 विश्वकप के नॉकआउट चरण में नहीं पहुंच पाई थी। इसके अलावा वह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी हार गई थी। चार सदस्यीय राष्ट्रीय चयन समिति के बर्खास्त होने के पीछे भारतीय टीम का खराब परफॉर्में भी रहा। बता दें कि भारतीय एशिया कप और टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब नहीं जीत पाया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ये हैं बर्खास्त करने के कारण
चेतन शर्मा की अगुवाई वाली चार सदस्यीय राष्ट्रीय चयन समिति की रणनीति पिछले एक साल से हैरान करने वाली रही। एक तो कोहली के बाद रोहित को तीनों फॉर्मेट में कप्तान बनाया गया, लेकिन फिर एक दो सीरीज के बाद रोहित को ब्रेक देकर विकल्प कप्तान के साथ भारतीय टीम सीरीज खेलती रही। पिछले एक साल के में भारतीय टीम के अलग-अलग 8 कप्तान मिले, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
केएल राहुल चोटिल की वजह से टीम से दूर थे, लेकिन फिर भी उन्हें टी-20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम के साथ जोड़ा गया। केएल राहुल को इस तरह से सपोर्ट करना इस चयन समिति को महंगा साबित हुआ। केएल राहुल हाल ही में संपन्न हुए टी-20 वर्ल्ड कप में पूरी तरह से फ्लॉप रहे और टीम मैनेजमेंट को केएल राहुल को साथ रखने पर हर तरफ से आलोचना हुई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
भारतीय टीम दो बड़े टूर्नामेंट को नहीं जीत पाई, जिसने फैन्स ही नहीं क्रिकेट के पूर्व दिग्गजों को चौंका कर रख दिया। दो बड़े टूर्नामेंट को नहीं जीत पाने के पीछे टीम की खराब रणनीति ही वजह बनी थी। वहीं, भारतीय टीम में घरेलू क्रिकेटरों की अनदेखी हुई। खासकर सरफराज खान और पृथ्वी शॉ को टीम में शामिल नहीं किया गया। दोनों ने घरेलू लेवल पर शानदार परफॉर्मेंस किया, फिर भी चयनकर्ताओं का ध्यान उनकी ओर नहीं गया।



