देखें वीडियोः हरिद्वार में कांवड़ियों पर उत्तराखंड सरकार ने हेलीकॉप्टर से की पुष्प वर्षा, दिला दी कोरोनाकाल की याद
इन दिनों उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा चरम पर है। इसके साथ ही कांवड़ियों का स्वागत करने में प्रदेश सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही। उनका स्वागत भी ठीक उसी तरह किया जा रहा है, जैसे कोरोनाकाल में स्वास्थ्य वर्करों का किया गया था। हालांकि, ये बात अलग से कि अपनी जान को जोखिम में डालकर लोगों के इलाज में जुटने वाले संविदा के माध्यम से रखे गए स्वास्थ्य वर्करों को कोरोना केस कम होने के बाद उत्तराखंड में नौकरी से हटा दिया गया। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में हरिद्वार जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेन्द्र रावत द्वारा जनपद हरिद्वार के नारसन बार्डर से कांवड़ पट्टी पर चल रहे श्रद्धालु कांवड़ियों के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर स्वागत व अभिनन्दन किया गया। इसके साथ ही हरकी पैड़ी पर भी पुष्प वर्षा की गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
श्रद्धालु कावंड़ियों के ऊपर पुष्प वर्षा करने का यह क्रम बैरागी कैम्प, शंकराचार्य चौक, हरि की पैड़ी तथा अपर रोड़ तक संचालित किया गया। पुष्प वर्षा के समय का यह अलौकिक दृश्य देखने लायक था। श्रद्धालु कांवड़िये अपने ऊपर पुष्प वर्षा होते देख भाव विभोर हो रहे थे तथा सरकार द्वारा किये जा रहे स्वागत व अभिनन्दन व्यवस्थाओं की हृदय से प्रशंसा करते दिखाई दिये। हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा के समय बम-बम भोले की गूंज से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने भी बुधवार को हरिद्वार में डामकोठी के निकट गंगा घाट पर शिव भक्तों का स्वागत किया। उन्होंने कांवड़ यात्रा में देवभूमि उत्तराखण्ड आये शिव भक्तों के चरण धोकर एवं गंगाजली देकर स्वागत किया था। उन्होंने श्रावण मास में भगवान शंकर को जल अर्पित करना पुरातन परंपरा है। यह मास भगवान शंकर को समर्पित रहता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
हरिद्वार में प्रतिदिन लाखों शिवभक्तों का कांवड़ यात्रा में शामिल होकर मां गंगा का आशीर्वाद लेने का क्रम निरंतर जारी है। अब तक लाखों शिवभक्त पवित्र गंगा जल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट चुके हैं। अपने अपने क्षेत्रों के शिवालयों में गंगाजल अर्पण के पश्चात उनकी यात्रा पूर्ण होती है। कावड़ यात्रा के संबंध में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि कावड़ यात्रियों का देवभूमि उत्तराखण्ड में सभी सुविधाओं का ध्यान रखा जाए तथा उनकी सेवा में कोई कमी न रहे।



