अब दाल पर भी पड़ी जीएसटी परिषद की नजर, आनलाइन गेमिंग और कसीनों पर अगले महीने निर्णय
जीएसटी परिषद ने की निगाहर अब दालों पर भी पड़ गई। ऐसे में दाल महंगी होने की संभावना है। वहीं, आनलाइन गेमिंग और कसीनों पर अगस्त माह में फैसला हो सकता है।
जीएसटी परिषद ने की निगाहर अब दालों पर भी पड़ गई। ऐसे में दाल महंगी होने की संभावना है। वहीं, आनलाइन गेमिंग और कसीनों पर अगस्त माह में फैसला हो सकता है। पहले से पैक और लेबल वाले खाद्य उत्पादों पर पांच प्रतिशत की दर से माल एवं सेवा कर लगाने का फैसला किया है। इसके चलते दालें महंगी हो सकती हैं। इस फैसले पर विरोध जताते हुए एक प्रमुख औद्योगिक संगठन ने मंगलवार को घोषणा की कि 16 जुलाई यानी शनिवार को देश भर की दाल मिलें बंद रहेंगी। ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने कहा कि पहले से पैक और लेबल वाले खाद्य उत्पादों पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाने से मिलों पर कर का बोझ बढ़ेगा। साथ ही आम आदमी के लिए दालें महंगी हो जाएंगी। अग्रवाल ने कहा कि भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर इस फैसले के विरोध में देशभर की दाल मिलें शनिवार को बंद रहेंगी।कसीनो और ऑनलाइन गेमिंग पर जीएसटी लगाने के प्रस्ताव पर गठित मंत्री समूह (जीओएम) की मंगलवार को हुई बैठक में आम सहमति नहीं बन पाई। बैठक में इस रिपोर्ट को अब 10 अगस्त तक अंतिम रूप देने का फैसला किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जीओएम ने मंगलवार को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित बैठक में कसीनो, घुड़दौड और ऑनलाइन गेमिंग पर जीएसटी लगाने के कई तरीकों पर चर्चा की।
अधिकारियों ने कहा कि समिति ने पाया कि इस मामले पर और विचार-विमर्श की आवश्यकता है और रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के लिए 10 अगस्त की तारीख तय की। अधिकारियों के अनुसार, अगले महीने मदुरै में होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक में इस रिपोर्ट पर चर्चा किए जाने की संभावना है।
जीओएम ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में कहा था कि ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और घुड़दौड़ सट्टेबाजी एवं जुए की श्रेणी में आने वाली गतिविधियां हैं और इनपर 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाना चाहिए। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह ने अपनी सिफारिश में कहा था कि ऑनलाइन गेमिंग’ में समूची राशि पर कर लगाया जाना चाहिए। इसमें गेम का हिस्सा बनने के लिए दिया जाने वाला प्रवेश शुल्क भी शामिल है।



